सीजी भास्कर, 16 सितंबर। दिल्ली के चर्चित बीएमडब्ल्यू एक्सीडेंट केस (Gaganpreet BMW Crash) में हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। रविवार को हुई इस दर्दनाक घटना में वित्त मंत्रालय के अधिकारी नवजोत सिंह की जान चली गई थी, जबकि उनकी पत्नी संदीप गंभीर रूप से घायल हैं।
हादसे की जांच में अब यह साफ हुआ है कि आरोपी महिला गगनप्रीत ने दुर्घटना के तुरंत बाद घायल दंपति को पास के अस्पताल न ले जाकर सीधे 19 किलोमीटर दूर नॉर्थ दिल्ली स्थित एक अस्पताल क्यों पहुंचाया।
अस्पताल मालिक से पुराना रिश्ता
जांच में सामने आया है कि जिस नुलाइफ अस्पताल में घायलों को भर्ती कराया गया, वह दरअसल गगनप्रीत के एक रिश्तेदार का है। यही वजह थी कि उसने इतनी दूरी तय की और सीधे वहां मरीजों को ले गई।
इससे पहले गगनप्रीत ने पूछताछ में दावा किया था कि उसकी बेटी का कोविड-19 के दौरान उसी अस्पताल (Gaganpreet BMW Crash) में इलाज हुआ था और उसे डॉक्टरों पर भरोसा था। लेकिन पुलिस की जांच ने उसके इस बयान पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शराब नहीं पी थी आरोपी महिला
फॉरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक, दुर्घटना के वक्त गगनप्रीत ने शराब का सेवन नहीं किया था। हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही की वजह से हुआ।
बताया गया कि बीएमडब्ल्यू कार में उस समय गगनप्रीत के अलावा उनके पति, दो बच्चे और घरेलू सहायिका भी मौजूद थे। हादसे के बाद कार सवार सभी लोग घायल हो गए थे और उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दर्ज हुआ मामला और गिरफ्तारी
पुलिस ने गगनप्रीत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं में केस दर्ज (Gaganpreet BMW Crash) किया है। इनमें धारा 281 (तेज गति से वाहन चलाना), 125B (दूसरों की जान को खतरे में डालना), 105 (गैर इरादतन हत्या) और 238 (साक्ष्य मिटाने का प्रयास) शामिल हैं।
सोमवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने गगनप्रीत को गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने उन्हें दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
अब जमानत पर फैसला बाकी
गगनप्रीत ने अदालत में जमानत याचिका दाखिल की है और कहा है कि यह “एक सामान्य दुर्घटना” थी, इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं थी। अदालत उनकी जमानत अर्जी पर 17 सितंबर को सुनवाई करेगी।





