सीजी भास्कर, 17 सितंबर : अबूझमाड़ क्षेत्र में सक्रिय 12 माओवादियों (Abujhmad Maoist Surrender) ने बुधवार को पुलिस के समझ आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें पांच–पांच लाख के इनामी एरिया कमेटी सदस्य माडवी आयतु उर्फ गग्गा, माडवी देवा उर्फ जोगा, सीएनएम अध्यक्ष कमली उर्फ पद्मी (इनाम 3 लाख), जनताना सरकार अध्यक्ष माडवी हिडमा (इनाम 2 लाख), तथा अन्य माओवादी कैडर — मिलिट्री प्लाटून सदस्य, पीपीसीएम, मिलिशिया कमांडर और अन्य सक्रिय सदस्य शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि माओवादियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि शीर्ष कैडर आदिवासियों के सबसे बड़े दुश्मन हैं। वे जल-जंगल-जमीन की रक्षा और न्याय के नाम पर लोगों को गुमराह कर गुलाम बनाते हैं। महिला माओवादियों (Abujhmad Maoist Surrender) का शारीरिक और मानसिक शोषण आम है, जबकि स्थानीय कैडरों को भी दबाकर रखा जाता है।
आत्मसमर्पित माओवादियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया गया और सभी लाभ दिलाने का आश्वासन दिया गया। इस वर्ष अब तक 177 माओवादी नारायणपुर पुलिस के सामने समर्पण कर चुके हैं।
आइजीपी सुंदरराज पी. ने कहा कि भारी नुकसान झेल रहे माओवादियों के पास अब हिंसा छोड़कर मुख्यधारा (Abujhmad Maoist Surrender) में जुड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।





