सीजी भास्कर, 18 सितंबर। नक्सल प्रभावित और भौगोलिक रूप से दुर्गम खड़कागांव (ब) ग्राम की तस्वीर अब हरियाली और आर्थिक समृद्धि से बदल रही है। यहां के मेहनती कृषक सुरेश चन्द्र भण्डारी ने व्यक्तिमूलक फलदार वृक्षारोपण योजना से अपनी जिंदगी को नई दिशा दी और गांव के अन्य किसानों के लिए आदर्श प्रेरणा बन गए।
उद्यानिकी विभाग की योजना के अंतर्गत सुरेश को एक हेक्टेयर भूमि पर फलदार वृक्षारोपण (Fruit Plantation Success) के लिए 2 लाख 25 हजार रुपये की सहायता मिली। उन्होंने इस राशि से आम, काजू, कटहल, नींबू और अमरूद जैसे उच्च मूल्य वाले लगभग 277 पौधों का रोपण किया। सुरेश ने पौधों की देखरेख, सिंचाई और खाद-पानी की व्यवस्था पूरी लगन और अनुशासन से की।
आज इन वृक्षों से न केवल उनके परिवार को अतिरिक्त आमदनी हो रही है, बल्कि गांव में हरियाली, मृदा संरक्षण और जैव विविधता भी तेजी से बढ़ रही है। ग्रामीण बताते हैं कि पहले यह इलाका बंजर और सुनसान नजर आता था, लेकिन अब फलों से लदे पेड़ वातावरण को बदल रहे हैं और ग्रामीणों के जीवन स्तर को सुधार रहे हैं।
सुरेश की इस पहल से प्रभावित होकर अब कई अन्य किसान भी अपनी अनुपयोगी जमीन पर फलदार वृक्षारोपण (Fruit Plantation Success) के लिए आगे आ रहे हैं। खासकर युवा किसान सुरेश से मार्गदर्शन लेकर बागवानी की दिशा में कदम रख रहे हैं। यह न केवल उनकी आय का नया स्रोत बनेगा बल्कि गांव की पहचान और गौरव को भी बढ़ाएगा।
सुरेश चन्द्र भण्डारी की मेहनत और संकल्प ने यह साबित कर दिया है कि योजनाओं का सही उपयोग कर किसान अपनी तकदीर बदल सकते हैं और अपने गांव को नई पहचान दे सकते हैं। उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि जब मेहनत और सरकारी योजनाएं मिलती हैं, तो बदलाव निश्चित होता है।



