सीजी भास्कर, 20 सितंबर। दर्री थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर में शुक्रवार तड़के हुई घटना (Snakebite Tragedy) ने पूरे इलाके को दहला दिया। घर में सो रहे एक ही परिवार के तीन लोगों को जहरीले सांप ने काट लिया। हादसे में पिता और 10 वर्षीय पुत्र की मौत हो गई, जबकि मां की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है।
ऐसे हुई दर्दनाक घटना
जानकारी के अनुसार, इंदिरा नगर जमनीपाली निवासी चूड़ामणि भारद्वाज (52 वर्ष) अपनी पत्नी रजनी भारद्वाज (45 वर्ष) और पुत्र प्रिंस भारद्वाज (10 वर्ष) के साथ घर में सो रहे थे। रात करीब 3 बजे अचानक घर में घुसे जहरीले सांप (Snakebite Tragedy) ने तीनों को डस लिया। चूड़ामणि और उनके बेटे को शुरुआत में सर्पदंश का आभास भी नहीं हुआ। हालांकि पत्नी रजनी ने सांप को देख लिया, लेकिन तब तक वह भी उसकी चपेट में आ चुकी थीं।
अस्पताल पहुंचने में देरी बनी जानलेवा
घटना के बाद रजनी ने किसी तरह अपने देवर को सूचना दी। परिजन तीनों को तत्काल जमनीपाली के सरकारी अस्पताल ले गए। लेकिन यहां हॉस्पिटल खुलवाने में ही आधे घंटे से अधिक का समय बीत गया। इसके बाद कर्मचारियों (Snakebite Tragedy) ने बताया कि अस्पताल में Anti Snake Venom (ASV) इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है और मरीजों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया।
परिजनों का आरोप है कि उपचार में हुई देरी और एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता न होने से चूड़ामणि और उनके बेटे की जान नहीं बचाई जा सकी। मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। वहीं रजनी भारद्वाज की हालत बेहद गंभीर है और उनका इलाज जारी है।
परिजनों का आक्रोश और मांग
मृतकों के परिजन जमनीपाली अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराज दिखे। उन्होंने मांग की कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से सर्पदंश से मौत (Snakebite Tragedy) का उल्लेख किया जाए। परिजनों ने कहा कि इस तरह की घटनाओं में देरी और अव्यवस्था ने आम लोगों की जान को और भी खतरे में डाल दिया है।
डॉक्टरों ने दोनों मृतकों का बिसरा प्रिजर्व कर लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आधिकारिक पुष्टि की जाएगी। फिलहाल गांव में मातम का माहौल है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर समय पर उपचार मिल जाता, तो शायद जानें बचाई जा सकती थीं।


