सीजी भास्कर, 23 सितंबर। बारनवापारा अभयारण्य क्षेत्र राजकीय पशु वन भैंसों के लिए उपयुक्त साबित हो रहा है। इस अभयारण्य क्षेत्र में वन भैंसों (Wildlife Conservation) की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। अब यहां वन भैंसों की संख्या 6 से बढ़कर 10 हो गई है।
वनमंडलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में राजकीय पशु वन भैंसा की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य वन्यप्राणी बोर्ड 2017 की बैठक में मानस टाइगर रिजर्व असम से वन भैंसे लाकर छत्तीसगढ़ राज्य में चयनित स्थल बारनवापारा में रखकर संख्या वृद्धि किए जाने संबंधी अनुमति प्राप्त हुई थी।
तत्संबंध में भारत सरकार पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नई दिल्ली के द्वारा मानस टाइगर रिजर्व से बारनवापारा अभयारण्य लाने की अनुमति प्रदान की गई थी। (Wildlife Conservation) असम राज्य से वर्ष 2020 में 1 नर एवं 1 मादा वनभैंसा तथा वर्ष 2023 में 4 मादा वनभैंसों को बारनवापारा अभयारण्य लाया गया, जिन्हें बारनवापारा अभयारण्य के कोठारी परिक्षेत्र के अंतर्गत निर्मित 10 हेक्टेयर के बाड़े में रखा गया है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में वनभैंसा संरक्षण एवं संवर्धन केंद्र खैरछापर में राजकीय पशु वनभैंसा मादा (मानसी) द्वारा एक नर शावक को एवं एक अन्य मादा वनभैंसा द्वारा एक मादा बच्चे को जन्म दिया गया था। वर्ष 2025 में 2 मादा एवं 1 नर शावक जन्मे हैं, जिनमें से एक मादा बच्चे की आकस्मिक मृत्यु हो गई है जिसका विधिवत पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा पोस्टमार्टम किया गया है।
(Wildlife Conservation) वर्तमान में वन भैंसों की संख्या 6 से बढ़कर कुल 10 हो गई है, जो कि बारनवापारा अभयारण्य क्षेत्र की अनुकूलता का स्पष्ट प्रमाण है। अधिकारी ने कहा कि यह सफलता राज्य सरकार और वन विभाग के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। आने वाले वर्षों में यहां वन भैंसों के संरक्षण और संवर्धन के और बेहतर परिणाम देखने को मिल सकते हैं। (Wildlife Conservation)


