सीजी भास्कर 26 सितम्बर बेंगलुरु की घटना से सनसनी (Saree Shop Assault in Bengaluru)
बेंगलुरु के एवेन्यू रोड स्थित एक साड़ी की दुकान में महिला के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। दुकान मालिक और स्टाफ ने महिला पर चोरी का आरोप लगाकर उसे दुकान से बाहर सड़क पर घसीटा और बेरहमी से पीटा। इस दौरान महिला के संवेदनशील अंगों पर भी लातों से हमला किया गया।
वीडियो हुआ वायरल, पुलिस ने किया उल्टा कदम
स्थानीय लोगों ने पूरे वाकये का वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। चौंकाने वाली बात यह रही कि पुलिस ने महिला की मदद करने के बजाय उसी पर चोरी का केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। (Police Negligence in Assault Case)
आरोपी दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं (Saree Shop Assault in Bengaluru)
दुकान मालिक बाबूलाल और उसके स्टाफ पर अब तक किसी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। इस लापरवाही को लेकर (Public Outrage) लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों और कन्नड़ समर्थक संगठनों ने दुकानदार की गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी है।
भीड़ में गुस्सा और सवाल
दिनदहाड़े सड़क पर हुई इस घटना ने आम जनता के बीच आक्रोश फैला दिया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब पुलिस की जिम्मेदारी पीड़िता को न्याय दिलाने की है, तो फिर वह दुकानदार पर कार्रवाई करने के बजाय महिला को ही क्यों जेल भेज रही है।
कपड़ों की दुकानों में चोरी के पुराने मामले (Saree Shop Assault in Bengaluru)
ऐसे मामले पहले भी कपड़ों की दुकानों में सामने आते रहे हैं, जहां ग्राहकों को साड़ी या कपड़े चुराते हुए पकड़ा गया। कई बार लोग चोरी का सामान इनरवियर या बैग के अंदर छिपाकर ले जाने की कोशिश करते हैं, लेकिन सीसीटीवी में कैद हो जाने पर वे पकड़े जाते हैं। हालांकि, मौजूदा घटना में हिंसा और महिला के साथ हुई बर्बरता ने सभी का ध्यान खींचा है।
आगे की मांग और दबाव
अब जनता और सामाजिक संगठन पुलिस से मांग कर रहे हैं कि आरोपी दुकानदार और उसके स्टाफ को तुरंत गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, (Women Safety in Public Places) पर भी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि जब बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर भरोसा किस पर किया जाए।





