सीजी भास्कर 29 सितम्बर उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चित परिवार का निजी विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। Raghavi Pratap Singh vs Brijraj Pratap Singh का मामला लगातार सुर्खियां बटोर रहा है, क्योंकि सोशल मीडिया पर भाई-बहन आमने-सामने आ गए हैं। इस पूरे प्रकरण ने न सिर्फ लोगों को चौंका दिया बल्कि पारिवारिक मतभेद को भी जगजाहिर कर दिया।
सोशल मीडिया बना जंग का मैदान
शनिवार को बड़ी बेटी Raghavi Pratap Singh ने एक वीडियो जारी कर अपने पिता और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। इसके तुरंत बाद बेटे Brijraj Pratap Singh ने बहन के दावों पर पलटवार करते हुए कहा कि दाऊ (पिता) ने हमेशा सबसे ज्यादा प्यार और महत्व बहन को ही दिया।
भाई के अनुसार, “बचपन में बहन ही दाऊ की लाडली थीं, लेकिन आज वही पिता पर झूठे आरोप लगाकर परिवार को शर्मिंदा कर रही हैं।”
यानी अब Raghavi Pratap Singh vs Brijraj Pratap Singh की बहस सार्वजनिक हो चुकी है।
राघवी प्रताप सिंह का आरोप
अपने वीडियो में Raghavi Pratap Singh ने कहा कि, “कुछ लोग लगातार मां और मेरा पीछा कर रहे हैं। यूपी पुलिस के गनर तक हमें डराने की कोशिश कर रहे हैं। हमारी जान को खतरा है और शिकायत के बावजूद हमें सुरक्षा नहीं दी जा रही।”
उन्होंने दावा किया कि परिवार को सालों से उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है और यह सब राजनीतिक दबाव के चलते हो रहा है।
बृजराज प्रताप सिंह का जवाब
राघवी के आरोपों के बाद Brijraj Pratap Singh ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “सच तो यह है कि दाऊ ने सबसे ज्यादा स्नेह बहन को दिया। वह हमेशा दाऊ की पहली पसंद रही हैं। बचपन में हम डरते थे कि कहीं बहन हमारी शिकायत न कर दें। आज वही पिता को बदनाम कर रही हैं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।”
यह बयान साफ करता है कि Raghavi Pratap Singh vs Brijraj Pratap Singh का विवाद अब सिर्फ घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं है।
मां भानवी सिंह भी बोलीं खुलकर
इस पूरे विवाद में मां भानवी सिंह भी सामने आईं। उन्होंने कहा कि परिवार लंबे समय से परेशान है और हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि “अगर यही हाल रहा तो जो करना है, एक बार कर डालें।” उनकी बातों से यह साफ झलकता है कि पारिवारिक तनाव गहराता जा रहा है।
राजनीति और परिवार का टकराव
उत्तर प्रदेश की सियासत में Raghavi Pratap Singh vs Brijraj Pratap Singh विवाद अब एक नया मोड़ ले चुका है। जहां बेटी खुलकर मां का पक्ष ले रही है, वहीं बेटा पिता के साथ खड़ा दिखाई देता है। भाई-बहन के इस खुले आम टकराव ने परिवार की साख और राजनीतिक छवि दोनों को प्रभावित किया है।





