सीजी भास्कर, 25 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ राज्य में परिवहन विभाग द्वारा वाहन चालकों की योग्यता और सड़क सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए ड्राइविंग टेस्ट एवं लाइसेंसिंग प्रक्रिया का आधुनिकीकरण (Chhattisgarh e-Driving Test System) किया जा रहा है। राज्य के आठ प्रमुख जिलों रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, जगदलपुर, अंबिकापुर, रायगढ़ और कोरबा में ई-ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक) की स्थापना की जा रही है। इस तकनीक के माध्यम से अब ड्राइविंग परीक्षा पूरी तरह डिजिटल और निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जाएगी।
अब लाइसेंस प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं निष्पक्ष
इन आधुनिक ई-ट्रैकों की स्थापना से छत्तीसगढ़ में ड्राइविंग परीक्षण प्रणाली (Chhattisgarh e-Driving Test System) पूरी तरह तकनीकी निगरानी के अंतर्गत होगी। ई-ट्रैक पर अभ्यर्थियों की ड्राइविंग क्षमता का आकलन डिजिटल सेंसर, कैमरे और स्वचालित सिस्टम से किया जाएगा। इससे मानव हस्तक्षेप लगभग समाप्त हो जाएगा और हर उम्मीदवार को निष्पक्ष परिणाम मिलेंगे। इस नई प्रणाली से सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और गलत तरीके से जारी लाइसेंसों पर रोक लगेगी।
ई-ट्रैक सिस्टम में लेन अनुशासन, वाहन नियंत्रण, संकेत पालन और गति नियंत्रण जैसे तत्वों को शामिल किया गया है। परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पहल न केवल सड़क सुरक्षा के मानकों को मजबूत करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को स्मार्ट ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की दिशा में अग्रसर करेगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक से संचालित यह प्रणाली नागरिकों में विश्वास और पारदर्शिता दोनों बढ़ाएगी।
परिवहन सचिव एस. प्रकाश ने बताया कि ई-ट्रैक की सहायता से अब योग्य चालकों को प्रमाणित किया जाएगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और जिम्मेदार ड्राइविंग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इन जिलों में ई-ट्रैक के शुरू होने के बाद आवेदक ऑनलाइन आवेदन कर अपने सुविधानुसार समय स्लॉट बुक कर सकेंगे। सफल परीक्षण के उपरांत अभ्यर्थियों को डिजिटल फीडबैक और लाइसेंस तुरंत जारी किया जाएगा।
ई-ट्रैक प्रणाली (Chhattisgarh e-Driving Test System) के पूरी तरह लागू होने से राज्य में पारदर्शी, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था स्थापित होगी। यह पहल राज्य को डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक और कदम आगे ले जाएगी।


