सीजी भास्कर, 27 अक्टूबर। दीपावली त्योहार के दौरान व्यापारियों से अवैध रूप से धन उगाही करने के मामले में श्रम विभाग के एक अधिकारी की भूमिका की पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट में श्रम निरीक्षक रामचरण कौशिक (Labour Inspector Suspension Chhattisgarh) को दोषी पाया गया है। इस पर कलेक्टर दीपक सोनी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए उनके खिलाफ निलंबन की कार्यवाही प्रस्तावित की है।
शिकायत पर हुई जांच, रिपोर्ट में पुष्टि
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ व्यापारियों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि श्रम विभाग के अधिकारियों द्वारा महिला उत्पीड़न जांच समिति के गठन के नाम पर धन वसूली की जा रही थी (Labour Inspector Suspension Chhattisgarh)। इस शिकायत की गंभीरता को देखते हुए बलौदाबाजार कलेक्टर दीपक सोनी द्वारा एक जांच समिति गठित की गई थी।
जांच समिति की रिपोर्ट में यह स्पष्ट पाया गया कि श्रम निरीक्षक रामचरण कौशिक ने दुकानदारों से अभद्र व्यवहार किया और दीपावली खर्चे के नाम पर पैसे की मांग की। समिति ने अपने निष्कर्ष में उल्लेख किया कि यह आचरण न केवल अनुचित है, बल्कि सिविल सेवा आचरण नियमों का गंभीर उल्लंघन भी है।
व्यापारियों से डराकर वसूला धन
रिपोर्ट के अनुसार, दीपावली के अवसर पर जब बाजारों में भीड़ अधिक थी, उस समय श्रम निरीक्षक कौशिक दुकानों में जांच के बहाने पहुंचे और व्यापारियों को डरा-धमकाकर अवैध रूप से धन की मांग की। कई दुकानदारों ने इसे “दिवाली खर्चा” बताकर अनिच्छा से पैसे दिए। जांच के दौरान गवाहों के बयानों से यह बात पुष्ट हुई कि उन्होंने धमकाने और दबाव डालने का तरीका अपनाया।
कलेक्टर ने भेजा पत्र, कार्रवाई की अनुशंसा
कलेक्टर दीपक सोनी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर सचिव, श्रम विभाग को पत्र भेजकर तत्काल प्रभाव से अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है। उन्होंने कहा कि ऐसे आचरण से सरकारी सेवा की छवि धूमिल होती है, इसलिए नियमानुसार कड़ी कार्रवाई आवश्यक है। श्रम निरीक्षक का यह व्यवहार सिविल सेवा आचरण नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना गया है। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि व्यापारियों के साथ अभद्र व्यवहार, वाद-विवाद और अवैध वसूली जैसी गतिविधियाँ विभागीय गरिमा के विपरीत हैं (Labour Inspector Suspension Chhattisgarh)। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में “शून्य सहिष्णुता” (Zero Tolerance Policy) अपनाई जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी इस प्रकार की गतिविधि में संलिप्त न हो।


