सीजी भास्कर, 30 अक्टूबर। भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और सटीक कार्रवाई (Bribery Case Chhattisgarh) में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ACB) की बिलासपुर यूनिट ने बुधवार को एसडीएम कार्यालय चांपा के भू-अर्जन शाखा में तैनात अमीन पटवारी बिहारी सिंह और ऑपरेटर राजकुमार देवांगन को 1 लाख 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम रायपुरा जिला सक्ती निवासी किसान बुधराम धीवर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम कोसमंदा (जिला जांजगीर) में उसकी और उसकी बहन की जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए अधिगृहित की गई थी। अगस्त 2025 में इस भूमि के एवज में एसडीएम कार्यालय चांपा से 35 लाख 64 हजार 99 रुपये का मुआवजा उनके संयुक्त बैंक खाते में जमा किया गया था।
किसान का आरोप था कि भुगतान के बाद अमीन और ऑपरेटर (Bribery Case Chhattisgarh) ने उससे कहा कि उन्होंने राशि निकलवाने और प्रक्रिया में सहयोग किया है, इसलिए उन्हें 1.80 लाख रुपये देने होंगे। रिश्वत की यह मांग किसान के लिए परेशानी का सबब बन गई, जिसके बाद उसने हिम्मत जुटाकर एसीबी बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद टीम ने जाल बिछाया। बुधवार सुबह एसीबी की टीम ने किसान को तय रकम के साथ भेजा। जैसे ही बिहारी सिंह ने रकम अपने हाथों में ली, उसी वक्त डीएसपी अजितेश सिंह के नेतृत्व में टीम ने मौके पर छापा मारा और दोनों आरोपितों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
मौके से पूरी रिश्वत राशि बरामद कर ली गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से एसडीएम कार्यालय परिसर (Bribery Case Chhattisgarh) में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारियों और आम लोगों में एसीबी की कार्रवाई की चर्चा पूरे दिन होती रही। एसीबी ने दोनों आरोपितों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 12 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है और आगे की पूछताछ जारी है।





