सीजी भास्कर, 31 अक्टूबर। आगामी खरीफ सीजन (CG Dhan Kharidi 2025) को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर दीपक सोनी ने जिला पंचायत सभागार में अधिकारियों की बैठक लेकर धान खरीदी की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले के किसानों को धान बिक्री के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सभी व्यवस्थाएं पहले से पुख्ता कर ली जाएं ताकि खरीदी केंद्रों में भीड़ या तकनीकी दिक्कतों से किसानों को परेशानी न हो।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पंजीयन प्रक्रिया में आने वाली सभी तकनीकी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि अवैध धान की आवक रोकने के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम और उड़नदस्ता दल (CG Dhan Kharidi 2025) गठित किया जाए। इसके साथ ही बिचौलियों पर नियंत्रण हेतु ठोस कार्ययोजना बनाकर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जिले में 129 समितियों के माध्यम से होगी खरीदी
बैठक में बताया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले का धान उपार्जन लक्ष्य 9 लाख 15 हजार 400 मीट्रिक टन तय किया गया है। इसके लिए 129 प्राथमिक कृषि समितियों के माध्यम से किसानों से धान खरीदा जाएगा। अब तक जिले में 1 लाख 62 हजार 129 किसान पंजीकृत हो चुके हैं। कलेक्टर ने यह भी कहा कि धान खरीदी केंद्रों (CG Dhan Kharidi 2025) में गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाए। धान के स्टैकिंग, बारदाना की गुणवत्ता, पीडीएस मिलर व्यवस्था और चेकपोस्ट पर निगरानी कड़ी की जाए।
नोडल अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
खरीफ सीजन की प्रारंभिक तैयारी के तहत उपार्जन केंद्रों के नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में अवैध धान की रोकथाम, रिसाइक्लिंग पर नियंत्रण, किस्मवार स्टैकिंग व्यवस्था और पारदर्शिता बनाए रखने के उपायों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग, अपैक्स बैंक और विपणन संघ के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभागों का तालमेल ही खरीफ सीजन को सफल बनाएगा। किसानों की सुविधा, पारदर्शिता और सुचारू खरीदी प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
जिले में धान खरीदी की स्थिति
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए बलौदाबाजार जिले में धान खरीदी की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिले में कुल 129 समितियाँ गठित की गई हैं, जहाँ करीब 1.62 लाख किसान पंजीकृत हैं। इस सीजन में लगभग 9.15 लाख मीट्रिक टन धान उपार्जन का लक्ष्य तय किया गया है। खरीदी की निगरानी के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम और उड़नदस्ता दल गठित किए गए हैं, जो अवैध धान की आवक पर सतत नजर रखेंगे।


