सीजी भास्कर 11 नवम्बर Fake Kidnapping Plan : उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सबको चौंका दिया। पति-पत्नी के बीच “गरम रोटी” को लेकर हुआ मामूली झगड़ा (Hot Roti Argument) उस वक्त बड़ा रूप ले बैठा जब पत्नी ने अपने ही पति को फंसाने के लिए अपनी तीन साल की बच्ची के किडनैप की फर्जी कहानी गढ़ डाली।
रात के सन्नाटे में पुलिस कंट्रोल रूम पर जब महिला का फोन आया, तो उसने रोते हुए कहा – “मेरी बेटी का अपहरण हो गया है।” पुलिस फौरन हरकत में आई, पर जब सच्चाई सामने आई, तो सब हैरान रह गए।
बिहार से आई महिला और कन्नौज का पति, ‘गरम रोटी’ बना विवाद की वजह
बिहार के पूर्णिया जिले की रहने वाली कल्पना की शादी करीब पांच साल पहले कन्नौज निवासी राजेश राजपूत से हुई थी। दोनों के दो बच्चे हैं – चार साल का बेटा और तीन साल की बेटी। बीते शनिवार रात दोनों के बीच बस एक बात पर झगड़ा हुआ – गरम रोटी पर।
राजेश ने पत्नी से कहा कि “गरम रोटी सेक दो”, लेकिन पत्नी ने मना कर दिया। बात इतनी सी थी, लेकिन बहस बढ़ी और गुस्से में कल्पना ने घर छोड़ने का फैसला कर लिया। वह अपने पिता के साथ बड़े बेटे को लेकर घर से निकल पड़ी, जबकि छोटी बेटी को वहीं छोड़ दिया।
‘Fake Kidnapping Case’ ने हिला दी पुलिस, CCTV फुटेज ने खोली पोल
रात के वक्त कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर पहुंचते ही कल्पना ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर दिया कि उसकी बेटी का अपहरण हो गया है।
तुरंत जीआरपी इंस्पेक्टर ओम नारायण सिंह की टीम हरकत में आई। पूरे स्टेशन और आसपास के इलाके के 100 से अधिक CCTV कैमरे खंगाले गए।
लेकिन किसी भी फुटेज में महिला अपनी तीन साल की बच्ची के साथ दिखाई नहीं दी।
शक गहराने पर पुलिस ने कन्नौज में उसके घर पर टीम भेजी, जहां बच्ची आराम से सोती मिली।
पति बोला – “बस गरम रोटी पर बहस हुई थी”, पुलिस ने कराया सुलह
राजेश ने पुलिस को बताया कि पत्नी से बस मामूली तकरार हुई थी। उसने पत्नी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की। पुलिस ने बच्ची को मां को सौंपा और दोनों परिवारों को बैठाकर समझाया।
इंस्पेक्टर ओम नारायण सिंह ने कहा कि महिला ने गुस्से में आकर गलत सूचना दी थी।
किसी अपराध की पुष्टि नहीं हुई, इसलिए किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
आख़िर में मामला सुलह से निपट गया और कल्पना अपने पिता के साथ बच्चों को लेकर बिहार लौट गई।
सोशल लेसन – गुस्से में उठाया गया एक कदम बन सकता है बड़ा संकट
इस पूरे Fake Kidnapping Case ने एक बार फिर ये साबित किया कि गुस्से में लिए गए फैसले कभी-कभी खुद के लिए परेशानी बन जाते हैं।
कानपुर पुलिस ने समझदारी दिखाते हुए जहां एक परिवार को टूटने से बचाया, वहीं समाज के लिए भी एक संदेश दिया — “सच्चाई देर-सवेर सामने आ ही जाती है।”





