कोरबा के तराईडांड गाँव में देर रात हुई Korba Robbery Case (डकैती घटना) ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। स्थानीय किराना व्यापारी और किसान शत्रुघ्न दास महंत के घर में लगभग डेढ़ दर्जन हथियारबंद बदमाश अचानक घुस आए। जैसे ही दरवाजा खुला, कट्टे की नोक पर शत्रुघ्न को भीतर ढकेला गया और फिर एक-एक कर घर के कुल 11 सदस्यों को पकड़कर बंधक बना दिया गया।
हथियारबंद गिरोह का हमला — परिवार को रस्सियों से बांधा गया
घर में घुसे बदमाशों ने किसी को भी बोलने का मौका नहीं दिया। महिलाओं और पुरुषों दोनों को ज़ोर जबरदस्ती से कमरे में ठूँसकर रस्सी से बांध दिया। इस बीच मारपीट भी की गई, जिससे कई सदस्य डर के कारण रातभर कांपते रहे।
पीड़ितों के मुताबिक, गिरोह बार-बार एक ही सवाल करता रहा—
“सौम्या चौरसिया का पैसा कहाँ रखा है?”
इस वाक्य ने पूरे मामले को और भी पेचीदा बना दिया है, क्योंकि परिवार का कहना है कि उनके पास ऐसी कोई रकम कभी थी ही नहीं।
Soumya Chaurasia Link — सवाल ने बढ़ाई पुलिस की चिंता
डकैतों द्वारा बार-बार लिया जाने वाला यह नाम, यानी Soumya Chaurasia Link , जांच टीम को चौंका रहा है।
पीड़ित परिवार ने बताया कि डकैत घर के हर कमरे, आलमारी और दीवान को जैसे किसी छिपी तिजोरी की तलाश में तोड़ते चले गए। उनके अनुसार, गिरोह का मकसद साफ था—उन्हें यह विश्वास था कि “वहाँ” बड़ी रकम रखी है।
कैश, जेवर और सामान लूटकर फरार — घंटों तक बंधक रहे सदस्य
हमले के दौरान बदमाश करीब 1.5 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवर और घर से महँगा सामान उठाकर फरार हो गए। परिवार पूरी रात रस्सियों में बंधा रहा।
सुबह किसी तरह बंधन ढीला होने पर परिजनों ने शोर मचाया और फिर पड़ोसियों की मदद से पुलिस को सूचना दी।
Korba Robbery Case — पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे
घटना की जानकारी मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतिश ठाकुर, नगर पुलिस अधीक्षक भूषण एक्का, और बालको थाना प्रभारी अभिनव कांत सिंह टीम के साथ मौके पर पहुँचे।
पूरे इलाके की घेराबंदी की गई, लेकिन गिरोह बेहद व्यवस्थित तरीके से भाग निकला और अब तक कोई ठोस सुराग पुलिस के हाथ नहीं लग पाया है।
अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा हमला “पूर्व-योजना” और “लंबी रेकी” का नतीजा लगता है।
पड़ोसियों में चर्चा — “घर में बड़ी रकम होने की बात पहले से फैली थी”
गाँव में पहले से यह चर्चा चल रही थी कि परिवार के पास लाखों रुपये नकद मौजूद हैं। पुलिस का मानना है कि गिरोह ने शायद इन्हीं अफ़वाहों पर भरोसा करके हमला किया।
जाँच टीम Suspected Money Trail और फरार मार्गों की मैपिंग कर रही है। साथ ही ग्रामीणों से पूछताछ शुरू कर दी गई है कि आखिर यह “सूचना” किसने फैलाई।
गाँव में डर का माहौल — लोग बोले, ‘गश्त बढ़ाई जाए’
घटना के बाद गाँव के लोग बेहद डरे हुए हैं। कई परिवारों ने रात में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर गिरोह के पास इतनी “इनसाइड जानकारी” थी, तो मामला सामान्य डकैती से कहीं ज्यादा गंभीर है।





