सीजी भास्कर, 11 मई : कोरबा जिले के करतला ब्लॉक के घिनारा गांव के किसान कन्हैया बंजारे ने अपनी बंजर और पथरीली जमीन को आधुनिक खेती (Multi Layer Farming) के जरिए लाभकारी बना दिया है। महज 2 एकड़ जमीन पर मल्टी लेयर खेती मॉडल अपनाकर उन्होंने अपनी सालाना आय 10 से 15 हजार रुपए से बढ़ाकर 2 लाख रुपए से अधिक कर ली है। उनकी सफलता अब इलाके के किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।
आम-काजू के बीच उगाई धान और मूंगफली
कन्हैया ने खेती (Multi Layer Farming) में नया प्रयोग करते हुए सबसे पहले खेत में आम और काजू के पौधे लगाए। पेड़ तैयार होने के बाद उन्होंने इनके बीच की खाली जमीन पर धान और मूंगफली की खेती शुरू की। मल्टी लेयर मॉडल के तहत एक ही खेत में अलग-अलग फसलें उगाकर उन्होंने उत्पादन और आमदनी दोनों बढ़ा ली।
पहले जहां वे केवल बारिश पर निर्भर रहकर उड़द की खेती करते थे, वहीं अब उन्हें आम, काजू, धान और मूंगफली से नियमित आय हो रही है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया है।
प्राकृतिक खेती से घटाई लागत
कन्हैया बाजार से महंगे खाद और कीटनाशक खरीदने के बजाय घर पर ही जैविक खाद और जीवामृत तैयार करते हैं। वे गोमूत्र, गुड़, बेसन और खेत (Multi Layer Farming) में गिरने वाले पत्तों से प्राकृतिक खाद बनाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने जैविक कीटनाशक बनाना भी सीखा, जिससे खेती की लागत लगभग खत्म हो गई है।
प्राकृतिक खेती अपनाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी बढ़ी है और फसलों की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। कन्हैया का कहना है कि प्रकृति के अनुकूल खेती करने से लंबे समय तक बेहतर उत्पादन लिया जा सकता है।
तालाब और मछली पालन से बढ़ी अतिरिक्त कमाई
खेती को और मजबूत बनाने के लिए कन्हैया ने अपनी जमीन पर छोटा तालाब बनवाया है। इसमें वे मछली पालन कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। तालाब के कारण खेतों को सालभर पानी उपलब्ध रहता है और भूजल स्तर में भी सुधार हुआ है।
तालाब की मेढ़ों पर उन्होंने दलहन और तिलहन की फसलें लगाई हैं। कन्हैया का यह मॉडल छोटे किसानों के लिए मिसाल बन गया है। अब वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिला पा रहे हैं और उनका फार्म क्षेत्र में आधुनिक खेती की पाठशाला के रूप में पहचाना जा रहा है।


