Rural Education Crisis – सफाईकर्मी के घर में चल रहा प्राथमिक स्कूल
कोंडागांव के घोड़ागांव ब्लॉक के डोंडेपारा में हालात इस कदर बदले कि एक प्राथमिक स्कूल पिछले पांच वर्षों से सफाईकर्मी के घर के आंगन में चल रहा है. इस (Rural Education Crisis) ने ग्रामीण शिक्षा की वास्तविक चुनौतियों को उजागर कर दिया है. कक्षा पहली से पांचवीं तक कुल 15 बच्चे यहां पढ़ते हैं, किताबें और ब्लैकबोर्ड तो हैं, लेकिन स्कूल जैसा ढांचा नहीं.
स्कूल भवन की कमी, शिक्षिका ने बताया—सालों से इंतजार जारी
स्कूल की शिक्षिका नंदा धुर्व ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से यहां पढ़ा रही हैं और स्कूल भवन की समस्या उनसे भी पहले की है. चार साल से विभाग को कई बार जानकारी देने के बावजूद स्थिति जस की तस है. छोटे बच्चों के लिए शौचालय तक नहीं है, जिससे पढ़ाई और सुरक्षा दोनों प्रभावित होती हैं.
Community Support – सफाईकर्मी बसंत को ‘देव तुल्य’ बताया
ग्रामीणों ने सफाईकर्मी बसंत की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने वह किया, जो विभाग समय पर नहीं कर सका. समुदाय का यह (Community Support) बच्चों की पढ़ाई को बचाए रखने में सबसे बड़ा आधार बना. ग्रामीणों ने बताया कि बसंत ने बिना किसी लाभ की इच्छा के अपना घर, आंगन और समय उपलब्ध कराया.
DEO ने दिया नया अपडेट, प्रस्ताव की पुष्टि की
जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान ने बताया कि जर्जर भवन की रिपोर्ट विभाग को भेज दी गई है और नए स्कूल भवन के लिए प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है. उन्होंने कहा कि निर्माण स्वीकृत होने के बाद जल्द कार्य शुरू होने की संभावना है. विभागीय रूप से कहा गया है कि बच्चों को बेहतर वातावरण देने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
Education Infrastructure – सुरक्षित भवन की जरूरत बनी प्राथमिक मांग
यह स्कूल ग्रामीण बच्चों के लिए शिक्षा का अकेला माध्यम है, लेकिन (Education Infrastructure) की कमी पढ़ाई में लगातार बाधा बन रही है. ग्रामीण और शिक्षक दोनों चाहते हैं कि नया भवन जल्द तैयार हो, ताकि बच्चों को सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल मिल सके.
स्कूल भवन निर्माण से बदलेगी तस्वीर, स्थानीय प्रशासन पर भी उठ रहे सवाल
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की प्रतिबद्धता पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं. शिक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध कदम उठाना अनिवार्य है. ग्रामीणों का कहना है कि नया भवन मिलने से बच्चे सामान्य स्कूल माहौल में पढ़ सकेंगे, और शिक्षकों को भी राहत मिलेगी.


