सीजी भास्कर 17 नवंबर Aviation Development Bihar: रक्सौल को मिला बड़ा प्रोजेक्ट
बिहार में हवाई सेवाओं का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और इसी कड़ी में रक्सौल में राज्य का आठवां बड़ा एयरपोर्ट विकसित किए जाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। यह परियोजना aviation expansion के तहत उन इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी दिलाएगी, जहां अब तक हवाई सेवाएं सीमित थीं। रक्सौल का नया एयरपोर्ट आकार और सुविधाओं दोनों ही मामलों में आधुनिक ढांचे पर आधारित होने वाला है।
जमीन अधिग्रहण के लिए तय हुई राशि—तेजी से बढ़ेंगे निर्माण कार्य
रक्सौल एयरपोर्ट के लिए लगभग 139 एकड़ जमीन का अधिग्रहण 207 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। दिसंबर से रैयतों को मुआवजा वितरण शुरू होने की तैयारी है। वर्तमान में परिसर के पास पहले से ही 100 एकड़ से अधिक भूमि उपलब्ध है, जिससे शुरुआती कार्य में कोई बाधा नहीं आएगी। प्रस्तावित रनवे की लंबाई करीब 2740 मीटर होगी, जिससे बड़े विमानों की लैंडिंग आसानी से संभव हो सकेगी। यह पूरा ढांचा aviation infrastructure मॉडल पर आधारित है।
छह जिलों को भी मिलेगी हवाई सुविधा—मुजफ्फरपुर से लेकर वीरपुर तक नई कवरेज
रक्सौल के अलावा बिहार के कई जिलों को जल्द ही छोटे एयरपोर्ट की सुविधा मिलेगी। मुजफ्फरपुर में निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है, जबकि सहरसा, वीरपुर और वाल्मीकि नगर में अधिग्रहण की तैयारी तेजी से बढ़ रही है। वीरपुर में 95 एकड़ जमीन के लिए लगभग 45 करोड़ रुपये खर्च होने हैं, जिसमें से 5 एकड़ सरकारी भूमि का हस्तांतरण सिर्फ औपचारिकता के पूरा होने का इंतजार कर रहा है। इन जिलों में पहले से उपलब्ध भूमि के कारण विकास की गति और सुगमता दोनों बढ़ने वाली हैं। यह राज्य के लिए महत्वपूर्ण regional air-connectivity साबित होगी।
भागलपुर और नालंदा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट—शत-प्रतिशत नई भूमि पर निर्माण
राज्य सरकार ने दो प्रमुख जिलों—भागलपुर और नालंदा—के लिए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट मॉडल को मंजूरी दी है। भागलपुर का एयरपोर्ट सुल्तानगंज में और नालंदा का एयरपोर्ट राजगीर में विकसित होगा। दोनों जगहों का सर्वे पूरा हो चुका है और जमीन अधिग्रहण के लिए मुआवजा राशि भी जारी कर दी गई है। यह परियोजनाएं न केवल इन क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगी, बल्कि पूर्वी बिहार के पर्यटन और व्यापार को नई पहचान भी दिलाएंगी।
हवाई नक्शे पर बिहार की नई तस्वीर—लोगों में बढ़ी उम्मीदें
इन सभी एयरपोर्ट परियोजनाओं के बाद बिहार एक नए हवाई नक्शे की ओर बढ़ रहा है। यात्रा समय कम होगा, उद्योग-व्यापार को गति मिलेगी और पर्यटन वाले जिलों को नई उड़ान। लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं क्योंकि कई दशक बाद एक साथ इतने एयरपोर्टों पर काम आगे बढ़ रहा है। राज्य के लिए यह निवेश और कनेक्टिविटी दोनों के लिहाज से अहम मोड़ साबित हो सकता है।





