सीजी भास्कर, 19 नवंबर। राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (Vanopaj Support Program) सहकारी संघ मर्यादित के नवगठित पदाधिकारियों के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। उन्होंने अध्यक्ष रूप साय सलाम और उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वनवासी समुदाय की आजीविका और विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि रूप साय सलाम स्वयं जनजातीय समाज से आते हैं और उनकी समझ, अनुभव तथा संवेदनशीलता संगठन को नई दिशा देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ( CM Sai Announcement ) वनवासियों की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण और जनजातीय मंत्रालय की स्थापना ने जनजातीय विकास को नई दिशा दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू “धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना” और “पीएम जनमन योजना” ने जनजातीय जीवन में बड़े सुधार लाए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ देश में पहला राज्य है जिसने तेंदूपत्ता का मूल्य 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किया है। वनोपजों के वैल्यू एडिशन पर भी विशेष काम हो रहा है, ताकि समुदाय को वास्तविक आर्थिक लाभ मिले।
(Vanopaj Support Program) वनोपज ही वनवासियों की असली शक्ति
कार्यक्रम में वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य की 32% जनसंख्या जनजातीय है और 44% क्षेत्र वनाच्छादित है, इसलिए वनोपज उनकी जीवनरेखा है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता को “हरा सोना” कहना उचित है क्योंकि इसकी कीमत बढ़ाने से लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिला है। चरण पादुका योजना की पुनः शुरुआत ने भी आर्थिक राहत दी है। ( Forest Produce Value Chain ) वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को नया बल मिल रहा है।
बड़ी संख्या में उपस्थित रहे वनोपज संग्राहक
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, नान चेयरमैन संजय श्रीवास्तव, योग आयोग अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, औषधीय पादप बोर्ड अध्यक्ष विकास मरकाम, वक्फ बोर्ड चेयरमैन डॉ. सलीम राज, वनबल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव सहित प्रदेशभर से आए वनोपज संग्राहक उपस्थित रहे। ( Vanopaj Support Program ) पूरे कार्यक्रम में उत्साह का माहौल रहा।


