सीजी भास्कर, 20 नवंबर। प्रतिबंधित आतंकी (Raipur ATS Arrest) संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) से जुड़ी गतिविधियों में शामिल दो किशोरों की गिरफ्तारी के बाद रायपुर में बड़ा खुलासा हुआ है। राज्य के आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) को आरोपियों के मोबाइल फोन से कई अतिसंवेदनशील डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनसे पता चला है कि दोनों किशोरों ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों के 100 से अधिक किशोरों और युवाओं को आइएसआइएस के ऑनलाइन नेटवर्क से जोड़ा था।
एटीएस अब उन सभी युवाओं को तलब कर रही है, जिनसे ये किशोर संपर्क में थे। दोनों नाबालिग आरोपियों के खिलाफ यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच एजेंसियों को इनके पास से देश विरोधी गतिविधियों की जानकारी, संवेदनशील दस्तावेज और खुफिया नक्शे सहित कई आपत्तिजनक डिजिटल डेटा बरामद हुए हैं।
Raipur ATS Arrest त्योहारों पर हिंसा फैलाने की थी साजिश
जांच में यह भी सामने आया है कि आइएसआइएस के पाकिस्तानी मॉड्यूल ने इन किशोरों को त्योहारों के दौरान सांप्रदायिक तनाव और हिंसा फैलाने के निर्देश दिए थे। पाकिस्तानी हैंडलर्स द्वारा लगातार मोबाइल इंटरनेट के माध्यम से संदेश भेजे जा रहे थे।
बच्चों को भेजते थे आपत्तिजनक कंटेंट
सूत्रों के अनुसार, दोनों किशोर अपने समुदाय के बच्चों और युवाओं को जेहादी विचारधारा से प्रभावित करने के लिए आपत्तिजनक वीडियो, भाषण और कट्टरपंथी संदेश भेजते थे। कुछ बच्चों ने यह सामग्री अपने परिवार वालों को दिखाई, जिसके बाद मामले की गंभीरता समझ में आई। परिवारों ने आरोपियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे रुकने को तैयार नहीं थे।
सीधे संपर्क में था पाकिस्तानी नेटवर्क
एटीएस एसपी राजश्री मिश्रा ने बताया कि तकनीकी जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि दोनों किशोर सीधे पाकिस्तान में बैठे आइएसआइएस मॉड्यूल से संपर्क में थे। आरोपी फोन कॉल, इंटरनेट मैसेज और प्रॉक्सी चैट एप का उपयोग कर निर्देश प्राप्त कर रहे थे। पूरे मामले की जांच तेजी से जारी है। एटीएस ने साफ किया कि यह सिर्फ ऑनलाइन ब्रेनवॉशिंग का मामला नहीं, बल्कि सक्रिय आतंकी नेटवर्क विस्तार की कोशिश थी, जिसमें नाबालिगों को निशाना बनाया जा रहा था। आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां संभव मानी जा रही हैं।




