सीजी भास्कर 27 नवंबर नवंबर के खत्म होते ही (December Rule Change) सुर्खियों में है, क्योंकि 1 दिसंबर से कई ऐसे नियम लागू होने जा रहे हैं जिनका असर सीधे लोगों की जेब और रोज़मर्रा के खर्चों पर पड़ेगा। इन बदलावों में LPG, पेंशन, टैक्स और फ्यूल जैसे अहम सेक्टर जुड़े हुए हैं। ऐसे में जरूरत है कि आप समय पर इन नियमों की जानकारी हासिल कर लें।
पहला बदलाव – LPG सिलेंडर के दाम में संभावित संशोधन
हर महीने की तरह इस बार भी 1 दिसंबर को गैस कंपनियों द्वारा LPG Price Update (December Rule Change) किया जा सकता है। नवंबर में 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम में ₹6.50 की कमी की गई थी। हालांकि घरेलू रसोई गैस की कीमत लंबे समय से स्थिर है। बाज़ार विश्लेषकों का कहना है कि दिसंबर की शुरुआत में कमर्शियल और रसोई गैस दोनों में संशोधन संभव है।
दूसरा बदलाव – UPS विकल्प चुनने की आखिरी तारीख इसी महीने
सरकारी कर्मचारियों के लिए Unified Pension Scheme (UPS) और NPS में से विकल्प चुनने की अंतिम तारीख 30 नवंबर तय की गई है। पहले यह डेडलाइन 30 सितंबर थी, जिसे बढ़ाया गया था। 1 दिसंबर के बाद शायद यह विकल्प उपलब्ध न रहे, इसलिए कर्मचारी को सलाह दी जा रही है कि (December Rule Change) के तहत समय रहते अपने दस्तावेज पूरे कर लें।
तीसरा बदलाव – पेंशनर्स के लिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना अनिवार्य
पेंशन का लाभ जारी रखने के लिए वरिष्ठ नागरिकों को हर साल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना होता है। 30 नवंबर इसकी अंतिम तिथि है। अगर कोई पेंशनर यह दस्तावेज जमा नहीं कर पाता तो दिसंबर से उसकी पेंशन रोक दी जा सकती है। इसलिए यह बदलाव भी (Life Certificate Deadline) के रूप में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
चौथा बदलाव – टैक्स से जुड़े डॉक्यूमेंट जमा करने की डेडलाइन
अगर अक्टूबर में आपका TDS कटौती हुआ है, तो आपको धारा 194-IA, 194-IB, 194M और 194S के तहत विवरण जमा करना होगा, जिसकी अंतिम तारीख 30 नवंबर तय है। इसके अलावा सेक्शन 92E Report Filing (December Rule Change) की डेडलाइन भी इसी दिन खत्म हो रही है। यानी टैक्सपेयर्स के लिए यह महीना पूरी तरह महत्वपूर्ण रहने वाला है।
पांचवा बदलाव – CNG, PNG और जेट फ्यूल के दाम में अनुमानित बदलाव
जैसा कि तेल कंपनियां हर महीने LPG के साथ CNG, PNG और जेट फ्यूल (ATF) की कीमतों की समीक्षा करती हैं, वैसे ही 1 दिसंबर को भी नए मूल्य तय होने की संभावना है। ATF यानी जेट फ्यूल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों कैटेगरी में अलग–अलग रेट पर निर्भर करता है। ऐसे में (Fuel Price Revision) से हवाई यात्रा और गैस आधारित सेवाओं पर असर पड़ सकता है।





