सीजी भास्कर, 3 दिसंबर। एसईसीएल विश्रामपुर क्षेत्र के अमेरा खुली खदान के विस्तार को लेकर बुधवार को पुलिस और ग्रामीणों के बीच भीषण झड़प हो गई। ग्रामीणों ने पत्थरों, गुलेल और डंडों से अचानक हमला कर दिया, जिसमें सरगुजा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों समेत दो दर्जन से अधिक पुलिस अधिकारी-कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस छोड़नी पड़ी। हिंसक भिड़ंत में एक दर्जन से अधिक ग्रामीण भी चोटिल हुए। उग्र माहौल के बीच पुलिस ने (SECL Clash) के दौरान प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया और अधिग्रहित भूमि पर एसईसीएल प्रबंधन को कार्य कराने की कोशिशें तेज की जा रही हैं।
एसईसीएल विश्रामपुर क्षेत्र की अमेरा खुली खदान के विस्तार हेतु भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद परसोढ़ीकला के ग्रामीण लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। कई ग्रामीण मुआवजा लेकर सहमत हैं, पर कुछ अब भी विरोध पर अड़े हैं।
बुधवार को धान कटाई पूरी होने के बाद एसईसीएल बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ खदान विस्तार के लिए पहुंचा था। ग्रामीणों ने पहले से तैयारी कर खदान के ऊपरी हिस्से में डेरा जमा लिया था। टीम पहुंचते ही दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए और देखते ही देखते विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया।
पुलिसकर्मी घायल, आंसू गैस के गोले छोड़े गए
ग्रामीणों ने खदान के ऊपरी क्षेत्र से पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू की। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। कई अधिकारी और जवानों के सिर व शरीर पर चोटें आईं। घायल पुलिसकर्मियों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद कई जवान फिर से ड्यूटी पर लौट भी गए।
झोपड़ी तोड़ी, भीड़ खदेड़ी गई
ग्रामीणों ने खदान क्षेत्र में एक झोपड़ी बनाकर कई दिनों से आंदोलन कर रखा था। उग्र विरोध के चलते पुलिस को उस झोपड़ी को भी तोड़ना पड़ा। बोरे में भरे पत्थरों के साथ जमे लोगों को पुलिस ने हटाया। देर शाम कड़ी सुरक्षा में एसईसीएल ने काम भी शुरू करा दिया। प्रशासन की ओर से अपर कलेक्टर सुनील नायक सहित अधिकारी लगातार ग्रामीणों को समझाते रहे, लेकिन विरोध न थमने पर स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
अपर कलेक्टर भी घायल हुए
पहले हमले के बाद जब अपर कलेक्टर सुनील नायक ग्रामीणों को समझाने पहुंचे, तब भीड़ ने दोबारा पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस दौरान बड़े पत्थर अपर कलेक्टर के पेट और मेरुदंड के पास लगे। कई पुलिसकर्मी भी दोबारा घायल हुए। जब स्थिति और बिगड़ी, तब पुलिस ने एक बार फिर आंसू गैस का इस्तेमाल किया। (SECL Clash) के इस चरण में माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।
12वीं के छात्र को पकड़ने से भड़का मामला
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विरोध में शामिल एक 12वीं के छात्र को हिरासत में लेने से माहौल भड़क गया। उनका कहना है कि पुलिस ने विरोध दबाने की कोशिश की। इसके बाद दोनों पक्षों में फिर पत्थरबाजी और गुलेल से हमले हुए। दिनभर खदान क्षेत्र में तनाव बना रहा।
जानिए विवाद की जड़ क्या है
अमेरा खदान में पहले चरण का कोयला उत्खनन पूरा हो चुका है। अब विस्तार परसोढ़ीकला की ओर होना है। वर्ष 2016 में कोल बियरिंग एक्ट के तहत अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कई ग्रामीण नौकरी भी पा चुके हैं। जिन लोगों ने मुआवजा नहीं लिया, उनकी राशि ट्रिब्यूनल में जमा है। कानूनी रूप से जमीन एसईसीएल के आधिपत्य में है, लेकिन ग्रामीण अब भी जमीन देने तैयार नहीं हैं। धान कटाई पूरी होने के बाद जब प्रबंधन वहां काम करने पहुंचा, तब तनाव ने हिंसक रूप ले लिया।


