मेरठ के चर्चित नीला ड्रम कांड (Meerut Neela Drum Case) में जेल में बंद मुस्कान की एक भावनात्मक अपील ने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। पति की हत्या के जुर्म में बंद मुस्कान ने कुछ दिन पहले एक बच्ची को जन्म दिया है, जिसका नाम उसने ‘राधा’ रखा है। अब वह चाहती है कि उसकी बेटी का चेहरा उसके प्रेमी साहिल को दिखाया जाए, जो इसी केस में आरोपी है।
जेल प्रशासन ने नियमों के कारण रोक दी मुलाकात की मांग
मुस्कान ने बच्ची का चेहरा साहिल को दिखाने के लिए जेल प्रशासन से अनुमति मांगी, लेकिन जेल नियमावली के चलते यह मांग खारिज कर दी गई। प्रशासन के अनुसार बंदियों के बीच इस तरह की निजी मुलाकात का प्रावधान नहीं है, चाहे मामला कितना भी संवेदनशील क्यों न हो।
अब उम्मीद जताई जा रही है कि गुरुवार को कोर्ट में होने वाली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुनवाई के दौरान साहिल पहली बार बच्ची को देख सकेगा।
जेल में मां-बेटी की पूरी मेडिकल निगरानी, बंदनियों ने भी थामा साथ
मुस्कान और उसकी नवजात राधा की डॉक्टरों की टीम ने मेडिकल जांच की है, जिसमें दोनों पूरी तरह स्वस्थ पाई गईं।
जेल सूत्रों के मुताबिक मुस्कान रोजाना कई घंटे बेटी को धूप दिखाती है, जबकि महिला बंदी उसकी देखभाल में मदद करती हैं। बच्चे की देखभाल को लेकर प्रशासन भी विशेष ध्यान दे रहा है।
कहां से शुरू हुई ‘नीला ड्रम कांड’ की दिल दहलाने वाली कहानी
यह मामला 3 मार्च 2025 की रात का है। जांच में सामने आया कि मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ को नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया और फिर चाकू से हत्या कर दी।
हत्या के बाद दोनों ने शव को काटकर नीले ड्रम में भरा और उस पर सीमेंट डालकर छिपाने की कोशिश की।
पुलिस जांच में लगभग दो हफ्ते बाद यह राज खुला और दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
मुकदमे की सुनवाई तेज, 14 गवाह दर्ज, लेकिन मुस्कान ने अभी तक पैरोल नहीं मांगी
मामले की सुनवाई जिला अदालत में चल रही है, जहां अब तक 14 गवाहों की गवाही दर्ज हो चुकी है।
मुस्कान जेल में ही गर्भवती हुई थी और 24 नवंबर को उसने मेडिकल कॉलेज में बेटी को जन्म दिया। जन्म के बाद से मां और बच्ची दोनों जेल में ही रह रही हैं।
ध्यान देने वाली बात यह है कि कानूनी रूप से मुस्कान छह महीने की पैरोल की पात्र है, लेकिन उसने अब तक कोई आवेदन नहीं दिया है।
अब निगाहें कोर्ट की सुनवाई पर—क्या साहिल देख पाएगा बच्ची का चेहरा?
जेल अधीक्षक के अनुसार नियम किसी भी बंदी को ऐसी निजी मुलाकात या बच्चे को दिखाने की अनुमति नहीं देते।
इसके बावजूद माना जा रहा है कि कोर्ट की वीडियो सुनवाई के दौरान यह संभव हो सकता है।
अगर ऐसा होता है, तो यह मामला एक बार फिर भावनात्मक और कानूनी बहस का केंद्र बन जाएगा।





