सीजी भास्कर, 5 दिसंबर। राज्यसभा में शुक्रवार को कांग्रेस सांसद मुकुल वासनिक द्वारा MSP की कानूनी गारंटी का सवाल उठाए जाने पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि किसानों का कल्याण केंद्र की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकारें दलहन की खरीद में ढिलाई बरतेंगी, तो केंद्र सरकार (MSP Direct Purchase) मॉडल के तहत नैफेड के माध्यम से सीधे खरीद करेगी।
शिवराज ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में MSP (MSP Direct Purchase) दो गुना बढ़ी है, जबकि MSP पर खरीद चार गुना बढी है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि यूपीए सरकार ने लागत पर 50% लाभ देने का प्रस्ताव खारिज कर दिया था, जबकि वर्तमान सरकार स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश पर काम कर रही है।
प्रश्नकाल के दौरान वासनिक ने पूछा कि क्या MSP की कानूनी गारंटी दी जाएगी? इस पर मंत्री ने उत्तर दिया — किसानों का हित ही हमारा फार्मूला है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब तुअर, उड़द व मसूर की खरीद राज्य द्वारा कम किए जाने पर केंद्र स्वयं करेगा।
उन्होंने कर्नाटक को उदाहरण बताते हुए कहा— राज्य ने जितनी अनुमति ली, उतनी खरीद नहीं की, इसलिए भविष्य में सीधे खरीद लागू होगी। मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि लाभ बिचौलियों तक न जाए, सीधे किसान के हाथ में पहुंचे। दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद वासनिक ने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में 1 लाख 12 हजार किसानों ने आत्महत्या की है, इसलिए तत्काल प्रभावी समाधान जरूरी है।





