सीजी भास्कर, 5 दिसंबर। बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में (NakalI Cigarette Racket) का बड़ा खुलासा हुआ है। नकली सिगरेट, गुटखा और तंबाकू उत्पादों की अवैध बिक्री तथा कापीराइट उल्लंघन को लेकर आइटीसी कंपनी लिमिटेड की शिकायत पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली स्थित कंपनी प्रतिनिधि ऋषभ मिश्रा द्वारा दर्ज रिपोर्ट के आधार पर रामानुजगंज थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। कई दिनों से क्षेत्र में आइटीसी के विभिन्न प्रीमियम ब्रांडों की हूबहू नकल तैयार कर बाजार में सप्लाई की जा रही थी।
आइटीसी की ब्रांड प्रोटेक्शन यूनिट ने गुप्त जांच में पाया कि बड़े पैमाने पर सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की डुप्लीकेट पैकिंग की जा रही है। छापेमारी के दौरान संदिग्ध पैकेट, कार्टन, बंडल, स्टिकर, पैकिंग रोल और सीलिंग सामग्री बरामद हुई। इससे साबित हुआ कि यह सिर्फ छोटी दुकान नहीं बल्कि एक व्यवस्थित नेटवर्क था।
कंपनी की टीम ने वीडियो और फोटोग्राफ के साथ सबूत पुलिस को सौंपे, जिसके आधार पर मामला धारा 318(4) IPC, धारा 349 IPC, कापीराइट एक्ट 63-64, ट्रेडमार्क एक्ट 102-103, COTPA Act 2003 और Legal Metrology Act 2009 के तहत दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में राज जायसवाल पिता बजरंग जायसवाल को नामजद मुख्य आरोपी बनाया गया है।
छापेमारी के बाद कई दुकानों और गोदामों से भारी मात्रा में (NakalI Cigarette Racket) से जुड़ा माल जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 18 लाख रुपये बताई जा रही है। कार्रवाई से व्यापारियों में हड़कंप मच गया और कई स्थानीय दुकानदार जांच से बचने के लिए दुकानों के शटर गिराते दिखे। आईटीसी प्रतिनिधि ऋषभ मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि नकली उत्पाद उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं और कंपनी की बौद्धिक संपदा पर अवैध हमला है। कंपनी ने यह भी संकेत दिया कि ऐसे रैकेट्स के विरुद्ध आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस जब्त सामान की फोरेंसिक जांच कराएगी ताकि नेटवर्क के अन्य कड़ियों तक पहुंचा जा सके। माना जा रहा है कि यह रैकेट स्थानीय स्तर पर सीमित नहीं था बल्कि सप्लाई चेन कई जिलों तक फैली हो सकती है। पुलिस अब अन्य कारोबारियों की पहचान में जुटी है और निकट भविष्य में और कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।


