सीजी भास्कर, 7 दिसंबर। कांकेर जिले में वन्यजीव शिकार व तस्करी (Wildlife Crime in Chhattisgarh) का बड़ा मामला सामने आया है। नरहरपुर परिक्षेत्र के देवी नवांगांव में 4 दिसंबर को एक नर तेंदुआ मृत अवस्था में मिला, जिसके दोनों आगे और पीछे के पैर काटे हुए पाए गए। यह स्पष्ट संकेत था कि घटना सामान्य मृत्यु नहीं, बल्कि अवैध शिकार और अंग तस्करी से जुड़ी है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची, कुएँ से शव निकालकर पशु चिकित्सकों की टीम से पोस्टमार्टम करवाया गया और पंचनामा दर्ज किया गया।
पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए वन अमले ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ वन अपराध (Wildlife Crime in Chhattisgarh) दर्ज कर जांच शुरू की। लगातार जांच और निगरानी के बाद विभाग की विशेष टीम ने 6 दिसंबर को चार आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की।
गिरफ्तार लोगों में शखुदन पिता नारायण (51), श्रवण पिता महेंद्र (19), छबिलाल पिता बुदराम (35) और बुदराम पिता अमरसिंह (71) शामिल हैं। आरोपियों के पास से तेंदुए के कटे हुए चार पैर नाखून सहित बरामद किए गए, जो इस अपराध का सबसे बड़ा सबूत बने।
वन विभाग ने शिकार में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी, रस्सी, और लकड़ी भी जब्त की है। मामला वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत न्यायालय में पेश किया जा रहा है। कार्रवाई में ग्राम कोटवार, पटेल और स्थानीय ग्रामीणों की भूमिका सराहनीय रही।
वन मंत्री केदार कश्यप ने टीम की सफलता को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार वन्यजीव संरक्षण और अवैध शिकार विरोध (Wildlife Crime in Chhattisgarh) पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।





