सीजी भास्कर, 7 दिसंबर। बलरामपुर जिले के सनावल थाना क्षेत्र में सितंबर 2025 में विवाहिता व उसकी 14 वर्षीय भतीजी से दुष्कर्म की घटना के बाद महिला ने आत्महत्या कर ली थी। इस प्रकरण में कार्रवाई में देरी और विवेचना की गंभीर त्रुटियों के चलते आइजी ने विवेचना अधिकारी सहायक उप निरीक्षक रोशन लकड़ा को निलंबित (ASI Suspension) कर दिया है, जबकि थाना प्रभारी गजपति मिर्रे को लाइन अटैच (पुलिस लापरवाही Chhattisgarh) किया गया है।
प्रारंभिक तथ्य स्पष्ट होने के बाद भी केस तीन महीने तक लंबित रहा और उच्च अधिकारियों को समय पर रिपोर्ट नहीं भेजी गई। जब सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा द्वारा जांच कराई गई, तब गंभीर लापरवाही सामने आई। इसी आधार पर कार्रवाई की गई और एसडीओपी को भी जांच दायरे में लिया गया। पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी बलरामपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है।
ASI Suspension घटना कैसे हुई
7 सितंबर 2025 को पीड़ित महिला और उसकी नाबालिग भतीजी जंगल से लकड़ी ला रही थीं, तभी झारखंड के गढ़वा जिला निवासी तीन युवक सैयद अंसारी (22), फैयाज अंसारी (24) और साजिद अंसारी (30) ने उनके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद विवाहिता मानसिक रूप से टूट गई और आत्महत्या कर ली। जांच में सामने आया कि मृतका भी झारखंड की रहने वाली थी और आरोपी साजिद उससे पहले से परिचित था तथा उसे पहले भी मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा था।
पोस्टमार्टम होने के बाद भी पुलिस FIR दर्ज करने में देरी करती रही। मृतका का मोबाइल डेटा नहीं खंगाला गया, न ही भतीजी का बयान तुरन्त लिया गया। लगभग तीन महीने बाद नाबालिग के बयान के आधार पर FIR दर्ज हुई और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया। यह पूरा मामला जाँच में देरी और प्रशासनिक शिथिलता (पुलिस लापरवाही Chhattisgarh) का स्पष्ट उदाहरण बन गया है।





