सीजी भास्कर, 9 दिसंबर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Naxalism Elimination CG) ने राजनांदगांव में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि मौजूदा सरकार के दो वर्ष छत्तीसगढ़ के इतिहास में नक्सलवाद समाप्ति की दिशा में सबसे निर्णायक रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा तय लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का पूर्ण उन्मूलन को प्राप्त करने की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है, यह अब अंतिम चरण में है। साय ने बताया कि 500 से अधिक नक्सली मुठभेड़ों में ढेर, जबकि 4,000 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण/गिरफ्तार हुए हैं। सुरक्षा बलों की सफलता, निरंतर ऑपरेशन और सटीक इंटेलिजेंस ने दशकों से हिंसा झेल रहे बस्तर में हालात बदल दिए हैं। अब जिन क्षेत्रों में कभी आवाज़ें दबा दी जाती थीं, वहाँ रोज़मर्रा के जीवन में सामान्यता वापस लौट रही है।
सरकार द्वारा लागू नई पुनर्वास नीति पर उन्होंने विस्तृत जानकारी साझा की
◾ 15,000 प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति
◾ 3 वर्षों तक ₹10,000 मासिक आर्थिक सहायता
◾ स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग, रोजगार लिंक्ड कार्यक्रम
◾ आत्मसमर्पण करने वालों के लिए सुरक्षित पुनर्वास व्यवस्था
मुख्यमंत्री (Naxalism Elimination CG) ने कहा कि आज “गोलीबारी से संवाद की ओर, भय से विकास की ओर जाना अब केवल सपना नहीं हकीकत है।” पंडुम कैफ़े मॉडल, महिला स्व-सहायता समूह, Tendu–Mahua–Chironji आधारित आजीविका जैसे उदाहरण सामाजिक परिवर्तन का चेहरा बन चुके हैं।
उन्होंने बताया कि 400 से अधिक गांव पुनः आबाद हो चुके हैं। नियद–नेल्ला–नार योजना के तहत सड़कों का विस्तार, बिजली–पानी–स्वास्थ्य सेवाएँ, स्कूल, मोबाइल नेटवर्क और राशन वितरण प्रणाली पुनः सक्रिय हुई है। जहां कभी बंदूकें थीं, अब वहाँ स्कूल की घंटियाँ और तिरंगा फहर रहा है।
साय ने बस्तर के भविष्य को लेकर कहा कि यह क्षेत्र कृषि, वन-उत्पाद, पशुपालन, MSME यूनिट्स और प्रोसेसिंग उद्योगों का नई आर्थिक शक्ति केंद्र बनने जा रहा है। औद्योगिक नीति 2024–30 में नक्सल प्रभावित इलाकों के लिए विशेष औद्योगिक प्रोत्साहन दिए गए हैं, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।
साथ ही पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद कुटुमसर गुफा, तीरथगढ़ झरना, अबूझमाड़, जनजातीय संस्कृति और होम-स्टे मॉडल ने बस्तर को अंतरराष्ट्रीय आकर्षण क्षेत्र बना दिया है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सीधी आय बढ़ रही है और स्थायी विकास मॉडल मजबूत हो रहा है। अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जीत शहीद जवानों के बलिदान, सुरक्षा बलों के साहस और जनता के विश्वास का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले महीनों में छत्तीसगढ़ स्थायी रूप से नक्सल मुक्त होकर राष्ट्रीय विकास मानचित्र में अग्रणी स्थान लेगा।


