सीजी भास्कर 9 दिसम्बर Telangana BJP Arrest Issue : तेलंगाना में बीजेपी के स्टेट सोशल मीडिया संयोजक की गिरफ्तारी ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। पार्टी इसे विपक्षी आवाज़ को दबाने की कोशिश बता रही है, जबकि केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए तुरंत रिहाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ एक पोस्टर पर हुई है, और यह सवाल खड़ा करती है कि क्या राज्य में अभिव्यक्ति की आज़ादी सुरक्षित है या नहीं।
फ्री स्पीच पर वार? रेड्डी के आरोप
केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार आलोचना को सहन ही नहीं कर पा रही है। उनके अनुसार—एक तरफ सरकार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बड़े आयोजन कर रही है, दूसरी तरफ आधी रात को एक पोस्टर साझा करने पर कार्यकर्ता को गिरफ्तार कर लिया जाता है। उन्होंने इसे “फ्री स्पीच पर सीधा हमला” बताया और कहा कि ऐसा रवैया जनता के भरोसे को कमजोर करता है। इस बयान में उन्होंने सरकार के “तानाशाही जैसे व्यवहार” पर भी सवाल उठाए।
Telangana BJP Arrest Issue : सरकार की नाकामियों को उजागर करने पर कार्रवाई?
बीजेपी का आरोप है कि सोशल मीडिया संयोजक ने सिर्फ ऐसे तथ्य सामने रखे थे जिन्होंने सरकार की गलतियों को दिखाया था। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह गिरफ्तारी सरकार की असहिष्णुता का उदाहरण है। उनका कहना है कि जो राज्य खुद को निवेश के लिए सुरक्षित और पारदर्शी बताता है, वही आवाज़ उठाने वाले लोगों को निशाना बना रहा है। ऐसे सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या इस तरह की कार्रवाई से बाहरी निवेशकों के मन में राज्य की छवि खराब नहीं होगी?
Telangana BJP Arrest Issue : “गैर-कानूनी गिरफ्तारी”—केंद्रीय मंत्री का बयान
जी. किशन रेड्डी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह इस गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम न सिर्फ गैर-कानूनी है बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ भी है। रेड्डी का कहना है कि तेलंगाना की जनता इस मानसिकता को न तो भूलेगी और न माफ करेगी। उन्होंने कार्यकर्ता की तत्काल रिहाई की मांग दोहराते हुए कहा कि सरकार का यह रवैया जनता में गलत संदेश भेज रहा है।




