सीजी भास्कर, 13 दिसंबर | Paddy Procurement Scam Bilaspur: बिलासपुर जिले के धान खरीदी केंद्रों में इस वक्त हालात सवालों के घेरे में हैं। सरकार की समर्थन मूल्य व्यवस्था जहां किसानों को राहत देने के लिए बनी है, वहीं ज़मीनी सच्चाई यह है कि इसका लाभ बड़ी मात्रा में व्यापारियों और बिचौलियों तक पहुंच रहा है। किसानों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन खरीदी व्यवस्था में सुधार होता नजर नहीं आ रहा।
राइस मिल और किराना दुकान में खप रहा धान
शुक्रवार को प्रशासन ने अवैध धान भंडारण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक राइस मिल और एक प्रोविजन स्टोर से करीब तीन लाख रुपये मूल्य का धान जब्त किया। जांच में सामने आया कि यह धान नियमों के विपरीत खरीदी केंद्रों में खपाने की तैयारी में था, जिससे वैध किसानों के हक पर सीधा असर पड़ रहा था।
किसानों से तय मात्रा से ज्यादा वसूली का आरोप
खरीदी केंद्रों पर धान तौल को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। शासन के निर्देशों के अनुसार प्रति बोरी 40 किलो 700 ग्राम धान खरीदी का नियम है, लेकिन कई केंद्रों पर किसानों से एक से डेढ़ किलो तक अतिरिक्त धान लिया जा रहा है। किसानों का कहना है कि आपत्ति जताने पर उनकी तौल रोक दी जाती है या उन्हें बार-बार बुलाया जाता है।
टोकन के बाद भी नहीं हो रही तौल, बढ़ी परेशानी
किसानों की एक और बड़ी शिकायत यह है कि टोकन कटवाने के बाद भी धान की खरीदी समय पर नहीं हो रही। कई किसान शुक्रवार को केंद्र पहुंचे, लेकिन तौल नहीं हो सकी। शनिवार-रविवार की छुट्टी के चलते अब उन्हें फिर से इंतजार करना पड़ेगा, जबकि यह भी तय नहीं है कि अगली बार उनका नंबर आएगा या नहीं।
प्रशासन की कार्रवाई, लेकिन सवाल अब भी कायम
जिला प्रशासन का कहना है कि अवैध भंडारण और नियम उल्लंघन पर लगातार निगरानी की जा रही है। बेलगहना और कोटा क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान एक प्रोविजन स्टोर से 46 क्विंटल से अधिक और एक राइस मिल से करीब 49 क्विंटल धान जब्त किया गया। इन मामलों में मंडी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
खरीदी व्यवस्था पर भरोसा डगमगाया
लगातार सामने आ रहे मामलों ने धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसान पूछ रहे हैं कि जब नियम उनके लिए सख्त हैं, तो व्यापारियों और बिचौलियों के लिए रास्ते कैसे खुले हैं। (Paddy Procurement Scam Bilaspur) अब केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि व्यवस्था में ठोस सुधार की मांग कर रहा है।





