सीजी भास्कर, 13 दिसंबर | GST Raid Bilaspur Coal: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कोल कारोबार से जुड़े बड़े नामों पर स्टेट जीएसटी विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। रायपुर से आई विशेष टीम ने शहर के तीन प्रमुख कोल कारोबारियों से जुड़े कुल 11 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इसमें कार्यालय, आवास, प्लांट और कोल वाशरी शामिल रहे।
महावीर कोल वाशरी ने किया 10 करोड़ का सरेंडर
लंबी पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद महावीर कोल वाशरी की ओर से 10 करोड़ रुपये की राशि सरेंडर की गई है। बाकी दो प्रतिष्ठानों—फिल कोल और पारस कोल एंड बेनिफिकेशन—में जांच अभी जारी है और आगे भी कार्रवाई चलने की संभावना जताई जा रही है।
लेनदेन और आय के रिकॉर्ड खंगाले गए
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कोल मिक्सिंग और संबंधित गतिविधियों में इनपुट टैक्स क्रेडिट को लेकर गड़बड़ियां की गई थीं। अधिकारियों ने बिक्री, खरीदी और स्टॉक से जुड़े रिकॉर्ड जब्त कर उनका मिलान शुरू कर दिया है। (GST Raid Bilaspur Coal) से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है।
लंबे समय से निगरानी में थे कारोबारी
सूत्रों के मुताबिक, तीनों कोल कारोबारी काफी समय से स्टेट जीएसटी की सीधी निगरानी में थे। विभिन्न राज्यों से जुड़े कारोबार और घोषित आय की तुलना में टैक्स भुगतान कम पाए जाने के बाद सीधे रायपुर स्तर से कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मात्रा मिलान के बाद सामने आएंगे पूरे आंकड़े
जांच के दौरान कोयले में उपयोग की जा रही मिश्रण सामग्री की खरीदी-बिक्री की जानकारी जुटाई गई है। हालांकि, फिलहाल मात्रा का पूरा मिलान नहीं हो सका है। अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन पूरा होने के बाद टैक्स चोरी से जुड़े वास्तविक आंकड़े स्पष्ट होंगे।
दूसरे दिन भी जारी रही जांच, नए तथ्यों की तलाश
स्टेट जीएसटी की टीम दूसरे दिन भी सभी ठिकानों पर डटी रही। व्यापारिक क्षेत्रों के साथ-साथ कोल वाशरी और प्लांट में देर रात तक दस्तावेज खंगाले गए। अधिकारियों का मानना है कि जांच के दौरान और भी वित्तीय अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।





