सीजी भास्कर, 13 दिसंबर | Durg NSUI Leader Underground : दुर्ग जिले के कल्याण कॉलेज में हुए हंगामे के बाद पुलिस की कार्रवाई अब तेज हो गई है। प्राचार्य को जूते की माला पहनाने की कोशिश और अभद्र व्यवहार के मामले में शामिल NSUI का एक प्रमुख चेहरा फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है। वहीं, इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
‘FIR मेरे लिए मेडल है’ कहने वाला नेता अंडरग्राउंड
घटना के दौरान खुलेआम यह कहने वाला कि वह पुलिस से नहीं डरता और उसके लिए एफआईआर मेडल के समान है, वही NSUI नेता अब अंडरग्राउंड बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, लगातार दबिश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है और संभावित ठिकानों पर तलाश जारी है।
प्राचार्य के कक्ष में जबरन घुसकर किया अपमान
9 दिसंबर को NSUI से जुड़े कुछ पदाधिकारी और समर्थक कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने सुरक्षा कर्मियों को धक्का देते हुए प्राचार्य डॉ. विनय शर्मा के कक्ष में जबरन प्रवेश किया। इस दौरान दस्तावेज फेंके गए, टेबल पर रखी नेम प्लेट पर स्याही पोती गई और लगातार अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया।
जूते-चप्पल की माला पहनाने की कोशिश से मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्राचार्य को कुर्सी से उठाने का दबाव बनाया गया और जूते-चप्पलों की माला पहनाने की कोशिश की गई। करीब आधे घंटे तक चले इस घटनाक्रम ने पूरे कॉलेज परिसर को तनावपूर्ण माहौल में बदल दिया।
पुलिस पहुंची तो भी नहीं थमा विवाद
जब पुलिस मौके पर पहुंची और इस तरह के प्रदर्शन को गलत बताया, तब भी छात्र नेताओं ने अपना रवैया नहीं बदला। कथित तौर पर कहा गया कि यही उनका विरोध का तरीका है। इसके बाद पुलिस ने सभी को प्राचार्य कक्ष से बाहर निकाला।
शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला, 7 नामजद
घटना के बाद प्राचार्य की ओर से थाने में लिखित शिकायत दी गई। शिकायत के आधार पर 7 नामजद और अन्य के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया। पुलिस ने अब तक दो आरोपियों—हरदीप पात्र और दीपक पाल—को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
फरार आरोपियों की तलाश में दबिश
भिलाई नगर थाना पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश लगातार की जा रही है। तकनीकी साक्ष्य और संभावित ठिकानों के आधार पर जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।
दूसरे छात्र संगठनों का भी विरोध
इस पूरे घटनाक्रम के बाद कॉलेज परिसर में माहौल गरमाया हुआ है। एक अन्य छात्र संगठन ने प्राचार्य के समर्थन में सामने आकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई और बाहरी लोगों के कॉलेज प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह विरोध नहीं, बल्कि खुलेआम अनुशासनहीनता है।
पुलिस का दावा—जल्द होगा खुलासा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और साफ होने की बात कही जा रही है।





