सीजी भास्कर, 13 दिसंबर | Chhattisgarh Cold Wave Update: छत्तीसगढ़ के मध्य और उत्तरी अंचलों में अगले तीन दिनों के भीतर तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी के संकेत हैं। इससे सुबह–शाम की कड़ाके की ठंड में थोड़ी नरमी महसूस हो सकती है। हालांकि, व्यापक मौसमीय बदलाव की संभावना फिलहाल कम बताई जा रही है.
ठंड का साइड-इफेक्ट—त्वचा रोगियों की बढ़ी भीड़
ठंड बढ़ने के साथ स्किन से जुड़ी समस्याएं तेज़ी से सामने आ रही हैं। मेकाहारा में रोज़ाना 300 से 350 मरीज त्वचा संबंधी शिकायतों के साथ पहुंच रहे हैं। ड्राई स्किन, एक्ज़िमा और सोरायसिस जैसे मामलों की संख्या दिसंबर में बढ़ी है.
डॉक्टरों की चेतावनी—लापरवाही भारी पड़ सकती है
डर्मेटोलॉजी विभाग के अनुसार ठंड में ये समस्याएं सामान्य हैं, लेकिन समय पर देखभाल न हो तो जटिलताएं बढ़ सकती हैं। नमी बनाए रखना, मॉइश्चराइज़र का नियमित उपयोग और ठंड से बचाव जरूरी बताया गया है.
सात शहरों में पारा 10°C से नीचे—मैनपाट सबसे ठंडा
बीते दिनों राज्य के सात शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। मैनपाट में रात का पारा 4 डिग्री से नीचे गया, जहां ओस की बूंदें जमकर बर्फ जैसी परत में बदलती दिखीं। अंबिकापुर 5.3°C, पेंड्रा 8.6°C, जगदलपुर 8.2°C, दुर्ग 8.2°C और राजनांदगांव 9.0°C पर दर्ज हुए.
दिन–रात का अंतर—अधिकतम और न्यूनतम का खेल
पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान 29.5°C राजनांदगांव में रिकॉर्ड हुआ, जबकि न्यूनतम 5.3°C अंबिकापुर में। दिन–रात के इस बड़े अंतर ने सर्दी से जुड़ी परेशानियों को और बढ़ाया है.
मानवीय असर—ठंड से जान जाने की घटना
दो दिन पहले अंबिकापुर में खुले में सो रहे एक व्यक्ति की ठंड से मौत की पुष्टि हुई। इस घटना ने शीतलहर के खतरों को फिर से रेखांकित किया है.
19 जिलों में शीतलहर का अलर्ट—पॉकेट्स पर नज़र
कोरिया, मनेन्द्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, रायगढ़, गौरेला–पेण्ड्रा–मारवाही, कबीरधाम, मुंगेली, बिलासपुर, सारंगढ़–बिलाईगढ़, खैरागढ़–छुईखदान–गंडई, राजनांदगांव, बेमेतरा, रायपुर, दुर्ग, बालोद और कोरबा के कुछ हिस्सों में शीतलहर की संभावना जताई गई है.
शहरों में राहत—अलाव की व्यवस्था तेज़
रायपुर में ठंड बढ़ते ही सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था शुरू की गई है। 12 से अधिक लोकेशनों पर रातभर अलाव जलवाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बेघर लोगों, राहगीरों और आम नागरिकों को तत्काल राहत मिल सके.
स्वास्थ्य एडवाइजरी—सावधानी ही सुरक्षा
स्वास्थ्य विभाग ने चेताया है कि तापमान में उतार–चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी–जुकाम और वायरल फीवर का जोखिम बढ़ता है। शीतलहर के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, गर्म कपड़े पहनने और बच्चों–बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है.





