सीजी भास्कर, 13 दिसंबर | Amit Shah Raipur Visit : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के दौरे पर हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार वे पहले रायपुर में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे, इसके बाद बस्तर संभाग के जगदलपुर पहुंचकर बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह में शामिल होंगे। इस दौरे को संगठनात्मक और सुरक्षा—दोनों नजरियों से अहम माना जा रहा है।
रायपुर में बंद कमरे की बैठक, SIR और ऑपरेशन की समीक्षा
शनिवार सुबह 11 बजे से रायपुर में होने वाली बैठक में प्रदेश संगठन, चुनावी रणनीति और नक्सल विरोधी अभियानों की समीक्षा की जाएगी। बैठक करीब दो घंटे चलेगी। इसमें SIR, जमीनी सुरक्षा हालात और हालिया ऑपरेशनों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
एक महीने में तीसरी बार छत्तीसगढ़, फोकस साफ
अमित शाह का यह बीते एक महीने में तीसरा छत्तीसगढ़ दौरा है। इससे पहले वे राज्योत्सव और पुलिस अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक में शामिल होने आए थे। हर दौरे में नक्सल प्रभावित इलाकों की स्थिति और फील्ड इनपुट सीधे शीर्ष स्तर तक पहुंचाया जा रहा है।
बस्तर ओलिंपिक के समापन में शिरकत, खिलाड़ियों का सम्मान
रायपुर की बैठक के बाद गृहमंत्री जगदलपुर रवाना होंगे, जहां संभाग स्तरीय बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह में शामिल होंगे। मंच से विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसी कार्यक्रम में बस्तर को लेकर सरकार की आगे की रणनीति पर संकेत मिलने की उम्मीद है।
3500 से ज्यादा युवा मैदान में, बदला हुआ बस्तर
इस बार बस्तर ओलिंपिक में फुटबॉल, कबड्डी, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स सहित कई खेलों में 3500 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, कोंडागांव और बस्तर—सातों जिलों से युवाओं की मजबूत भागीदारी देखी गई।
सरेंडर्ड नक्सलियों की टीम ‘नुआ बाट’, बढ़ती भागीदारी
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि 761 सरेंडर्ड नक्सली और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के सदस्य भी खेलों का हिस्सा बने। उनकी टीम का नाम ‘नुआ बाट’ रखा गया। बीते वर्ष यह संख्या करीब 300 थी, जो इस बार दोगुने से भी ज्यादा हो गई है।
कड़ी सुरक्षा, ड्रोन पर पूरी तरह रोक
गृहमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों में तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है। ड्रोन कैमरों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, जबकि डॉग स्क्वायड और अतिरिक्त बल भी तैनात किए गए हैं।
बस्तर से राष्ट्रीय संदेश, खेल के जरिए बदलाव
बस्तर ओलिंपिक को केवल खेल आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव के मंच के रूप में देखा जा रहा है। युवाओं और मुख्यधारा में लौट रहे लोगों की बढ़ती भागीदारी, क्षेत्र की बदलती तस्वीर को दर्शाती है—और यही संदेश आज के कार्यक्रम का केंद्र रहने वाला है।





