Mega Health Camp 2025 : राजधानी स्थित आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में चल रहे मेगा हेल्थ कैंप–2025 ने शनिवार को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चले शिविर में एक ही दिन में 17,526 लोगों ने निःशुल्क इलाज और जांच की सुविधा ली, जिससे परिसर दिनभर मरीजों से भरा रहा.
पंजीयन से जांच तक दिखी सुव्यवस्थित व्यवस्था
पंजीयन काउंटरों से लेकर जांच कक्षों तक मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिलीं, लेकिन पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित रही। स्वयंसेवकों और मेडिकल स्टाफ ने समन्वय के साथ काम किया, जिससे भारी संख्या के बावजूद मरीजों को परेशानी नहीं हुई.
इलाज के साथ निःशुल्क भोजन ने बढ़ाई राहत
इस शिविर की खास पहचान रही इलाज के साथ निःशुल्क फल, नाश्ता और पूरा भोजन। दूर-दराज से आए मरीजों और उनके परिजनों के लिए भोजन की समुचित व्यवस्था की गई थी। मरीजों का कहना था कि इलाज के दौरान भोजन की चिंता न होने से वे पूरी तरह निश्चिंत रहे.
सभी प्रमुख विभागों में विशेषज्ञ सेवाएं
शिविर में नेत्र रोग, हृदय रोग, मेडिसिन, सर्जरी, न्यूरोलॉजी, शिशु रोग, हड्डी रोग, दंत, आयुर्वेदिक, होम्योपैथी, एक्यूप्रेशर और एक्यूपंक्चर सहित सभी प्रमुख विभागों की सेवाएं दी जा रही हैं। इसके साथ ही एक्स-रे, सोनोग्राफी, ईसीजी, इको और पैथोलॉजी जैसी जांच सुविधाएं भी पूरी तरह निःशुल्क रहीं.
एक दिन में विभागवार आंकड़े
एक ही दिन में नेत्र रोग विभाग में 752, आयुर्वेदिक में 709, होम्योपैथी में 600, एक्यूप्रेशर में 325, पैथोलॉजी में 941, दंत और फिजियोथेरेपी में 450-450 मरीजों ने सेवाएं लीं। बीपी जांच में 5300 और शुगर जांच में 4337 लाभार्थी पहुंचे। कुल आंकड़ा 17,526 पर पहुंच गया.
जनप्रतिनिधियों ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
कुरूद विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने रायपुर पश्चिम विधायक एवं कार्यक्रम आयोजक राजेश मूणत के साथ शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने पंजीयन, जांच कक्ष और भोजन वितरण स्थल का दौरा कर मरीजों और डॉक्टरों से बातचीत की.
संवेदनशीलता और सेवा का उदाहरण
अजय चंद्राकर ने इसे जनसेवा की अनुकरणीय पहल बताया, जबकि राजेश मूणत ने कहा कि शिविर का उद्देश्य यही है कि कोई भी व्यक्ति इलाज या भोजन के अभाव में पीछे न छूटे। आयोजकों के अनुसार रविवार को बच्चों के लिए स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिससे शिविर का दायरा और बढ़ेगा.


