सीजी भास्कर, 21 दिसंबर। सुकमा जिले के डीएसपी तोमेश वर्मा (Pre-Planned Attack) पर चाकू से किए गए हमले के मामले में पुलिस ने आरोपी रविशंकर साहू और उसकी महिला सहयोगी (Accused Ravishankar Sahu & Woman Accomplice) को गिरफ्तार किया है।
शनिवार को दोनों आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां जेएमएफसी सुहासिनी ठाकुर (JMFC Suhasini Thakur) की अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। हमले में घायल डीएसपी वर्मा को बेहतर इलाज के लिए जगदलपुर (Jagdalpur) रेफर किया गया है।
पुलिस ने बताया कि हमला पूरी तरह से पूर्व नियोजित (Pre-planned) था। डीएसपी ने बताया कि महिला, जो उनकी भाभी लगती है, पहले दुर्ग जिले में उनके खिलाफ दुष्कर्म का मामला (Rape Case) दर्ज करा चुकी थी, जिसमें अदालत ने उन्हें दोषमुक्त किया था।
इसके बाद महिला ने हाई कोर्ट में अपील का हवाला देते हुए समझौते के लिए 25 लाख रुपये (Settlement Demand) की मांग की और शुक्रवार को दंतेवाड़ा में मुलाकात तय हुई। महिला अपने सहयोगी रविशंकर साहू के साथ बस द्वारा दंतेवाड़ा पहुंची और एक निजी होटल में ठहरी।
चाकू की नोंक पर बंधक बनाया
डीएसपी वर्मा ने अपने बयान में बताया कि न्यायालय परिसर में महिला के आग्रह पर उन्होंने उन्हें अपने सरकारी वाहन स्कार्पियो में बैठा लिया। इसके बाद करीब दो घंटे तक महिला ने उन्हें चाकू की नोंक (Knife Point) पर बंधक बनाए रखा।
जब वाहन होटल के सामने सड़क पर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद रिटायर्ड फौजी रविशंकर साहू ने महिला के साथ मिलकर डीएसपी पर हमला किया। हमले में डीएसपी के चेहरे के बाएं हिस्से में गंभीर चोट आई, लेकिन उन्होंने हमलावर युवक को पकड़ने में सफलता पाई।
मौके पर मौजूद पुलिस जवान भी तुरंत पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। सिटी कोतवाली के अधिकारी राम कुमार श्याम (City Kotwali Officer Ram Kumar Shyam) ने बताया कि यह हमला आपसी रंजिश (Personal Grudge) से जुड़ा था और पूरी तरह से पूर्व नियोजित (Pre-planned) था।
यह मामला सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारी पर होने वाले सीधे हमले का दुर्लभ उदाहरण है। पुलिस ने आरोपी महिला और रविशंकर साहू से पूछताछ जारी रखी है ताकि हमले की पृष्ठभूमि और अन्य संभावित लोगों की जानकारी मिल सके।


