सीजी भास्कर, 23 दिसंबर। झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह को लेकर छत्तीसगढ़ पुलिस की तैयारी अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच (Mayank Singh Gangster) गई है। कोर्ट के आदेश पर उसके खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिया गया है और 24 दिसंबर को उसे रायपुर कोर्ट में पेश किए जाने की संभावना है। मयंक सिंह इस समय झारखंड की जेल में बंद है और कड़ी सुरक्षा के बीच उसे छत्तीसगढ़ लाने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मयंक सिंह को रायपुर लाकर पेश करना केवल एक औपचारिक कानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि राज्य में सक्रिय संगठित अपराध नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने की कोशिश का हिस्सा है। उस पर रायपुर के एक कारोबारी और पीआर ग्रुप के कार्यालय पर गोली चलवाने का गंभीर आरोप है, जिसने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए थे।
जांच एजेंसियों का मानना है कि मयंक सिंह, कुख्यात गैंगस्टर अमन साव के नेटवर्क की एक अहम कड़ी रहा है। अमन साव के एनकाउंटर के बाद इस गैंग के संचालन और फंडिंग को लेकर कई जानकारियां अधूरी रह गई थीं। पुलिस को उम्मीद है कि मयंक सिंह की पूछताछ से इस नेटवर्क (Mayank Singh Gangster) की शेष कड़ियां सामने आ सकती हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मयंक सिंह के खिलाफ हत्या, रंगदारी, धमकी, फायरिंग और आपराधिक साजिश जैसे 45 से अधिक मामले दर्ज हैं। लंबे समय तक वह विदेश में रहकर गैंग का संचालन करता रहा। जांच में सामने आया है कि वह डंकी रूट के जरिए भारत से बाहर गया और सिंगापुर, ईरान, मेक्सिको होते हुए अमेरिका तक पहुंचा, जहां से वह अपने गुर्गों को निर्देश देता था।
हाल ही में उसे इंटरपोल की मदद से अजरबैजान से भारत प्रत्यर्पित किया गया। झारखंड के आपराधिक इतिहास में यह पहला मौका (Mayank Singh Gangster) माना जा रहा है, जब किसी गैंगस्टर को विदेश से कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस लाया गया हो। रांची एयरपोर्ट से जेल तक उसे बख्तरबंद वाहन में कड़ी सुरक्षा के बीच ले जाया गया था, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
सूत्रों के अनुसार, मयंक सिंह के संबंध लॉरेंस बिश्नोई गैंग से भी जोड़े जाते रहे हैं। बताया जाता है कि वह लॉरेंस बिश्नोई का बचपन का परिचित रहा है। इसके अलावा, उद्योगपतियों, कारोबारियों और नेताओं से रंगदारी मांगने के कई मामलों में भी उसका नाम सामने आ चुका है। राजस्थान में एक कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री से रंगदारी मांगने का मामला भी जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में दर्ज है।
छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए मयंक सिंह की पेशी इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि 16 जून 2024 को कोल और कंस्ट्रक्शन कारोबारियों को निशाना बनाने की साजिश के बाद उसने छत्तीसगढ़ की मीडिया को धमकी भरा ई-मेल भेजा था। उस मेल में उसने गिरफ्तारी को षड्यंत्र बताते हुए बदला लेने की बात कही थी। यह मामला अभी भी जांच के दायरे में है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रायपुर कोर्ट में पेशी के बाद मयंक सिंह को रिमांड पर लेकर उससे गहन पूछताछ की जाएगी। इस पूछताछ से न केवल पुराने मामलों की कड़ियां जुड़ सकती हैं, बल्कि राज्य और देश के बाहर फैले संगठित अपराध नेटवर्क की असली तस्वीर भी सामने आने की उम्मीद है।





