राष्ट्रीय स्तर की अंडर-17 फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ी चयन में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। गलत खिलाड़ी को प्री-नेशनल कोचिंग शिविर में शामिल किए जाने को लेकर जिला पंचायत स्तर पर कड़ा रुख अपनाया गया है। पूरे प्रकरण को (Football Selection Irregularity) मानते हुए संबंधित अधिकारी से जवाब तलब किया गया है।
राज्य प्रतियोगिता खेले बिना मिला राष्ट्रीय शिविर का टिकट
जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग के माध्यम से आयोजित 17 वर्ष आयु वर्ग की राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए इंदौर की पात्र खिलाड़ी कोमल वर्मा के स्थान पर खरगोन की कोमल दांगी का चयन कर लिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि कोमल दांगी ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग ही नहीं लिया था, फिर भी उनका नाम सूची में शामिल कर दिया गया।
शिकायत के बाद भी समय पर नहीं हुई कार्रवाई
यह मामला सामने आने के बाद सहायक संचालक के संज्ञान में भी लाया गया था, लेकिन उस वक्त कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बाद में जब चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल तेज हुए, तब पूरे घटनाक्रम की फाइल फिर से खुली और प्रशासन तक बात पहुंची। यहीं से (Football Selection Irregularity) ने तूल पकड़ लिया।
योग्य खिलाड़ियों के सपनों पर बार-बार पड़ रही मार
सूत्रों की मानें तो यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी चयन में लापरवाही के चलते अपात्र खिलाड़ियों को मौका मिला, जबकि मेहनत करने वाले योग्य खिलाड़ी बाहर रह गए। इस तरह की गड़बड़ियां न सिर्फ खिलाड़ियों का मनोबल तोड़ती हैं, बल्कि खेल व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी असर डालती हैं।
नोटिस जारी, जवाब से तय होगी आगे की कार्रवाई
जिला पंचायत सीईओ डॉ. सिद्धार्थ जैन ने मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पूरे चयन प्रकरण की जांच की जा रही है और यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई तय है। प्रशासन का कहना है कि (Football Selection Irregularity) जैसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर
इस प्रकरण के बाद खेल और शिक्षा विभाग में चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। संकेत साफ हैं—आने वाले समय में खिलाड़ियों के चयन को लेकर नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा, ताकि प्रतिभा के साथ अन्याय न हो।


