राजधानी क्षेत्र में ऑनलाइन निवेश के नाम पर एक बड़े साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है, जहां एचपीसीएल में पदस्थ एक मैनेजर को मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर लाखों रुपये की ठगी की गई। यह पूरा मामला (Online Investment Fraud Raipur) के तौर पर दर्ज किया गया है, जिसमें ठगों ने भरोसा, तकनीक और लालच—तीनों का इस्तेमाल किया।
टेलीग्राम से शुरू हुआ संपर्क
पीड़ित वेद प्रकाश बघेल (46), जो सड्डू स्थित राजधानी विहार के निवासी हैं और मंदिर हसौद क्षेत्र में एचपीसीएल में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं, से ठगों ने टेलीग्राम ऐप के जरिए संपर्क किया। खुद को ऑनलाइन ट्रेडिंग और शेयर निवेश से जुड़ा बताते हुए आरोपियों ने कम समय में अधिक रिटर्न का झांसा दिया।
एक महीने में खातों से निकली बड़ी रकम
आरोपियों की बातों में आकर पीड़ित ने अक्टूबर से नवंबर 2025 के बीच अलग–अलग बैंक खातों में किश्तों में कुल 34 लाख 48 हजार रुपये से अधिक की ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी। शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाया गया, जिससे किसी भी तरह का संदेह पैदा नहीं हुआ।
मुनाफे के नाम पर लौटाए गए पैसे
विश्वास को और मजबूत करने के लिए ठगों ने दो किश्तों में 89 हजार 250 रुपये पीड़ित के खाते में वापस भी किए। इस नकली मुनाफे ने पीड़ित को पूरी तरह आश्वस्त कर दिया, और उन्होंने निवेश जारी रखा। बाद में यही भरोसा सबसे बड़ी कमजोरी साबित हुआ।
रकम मांगने पर सामने आई सच्चाई
जब पीड़ित ने अपनी पूरी रकम और मुनाफा निकालने की मांग की, तो आरोपियों ने तरह–तरह के बहाने बनाने शुरू कर दिए। कभी बैंक क्रेडिट स्कोर खराब होने का डर दिखाया गया, तो कभी और पैसा जमा करने का दबाव बनाया गया। इसी दौरान पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।
केस दर्ज, जांच जारी
पीड़ित ने मामले की शिकायत साइबर सेल में की। प्रारंभिक जांच के बाद मंदिर हसौद थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की गहन जांच की जा रही है।





