सीजी भस्कर 26 दिसम्बर Veer Bal Diwas Tribute : वीर बाल दिवस के अवसर पर लोकभवन में भावपूर्ण माहौल देखने को मिला, जहां राज्यपाल रमेन डेका ने पुष्पांजलि अर्पित कर गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम में गरिमा और श्रद्धा का भाव स्पष्ट रूप से झलकता रहा।
साहस और धर्मनिष्ठा की जीवंत मिसाल
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि Veer Bal Diwas Tribute केवल स्मरण का दिन नहीं, बल्कि अन्याय के सामने डटकर खड़े होने की सीख है। उन्होंने कहा कि साहिबज़ादों ने अल्पायु में ही धर्म और सत्य की रक्षा के लिए जो निर्णय लिया, वह इतिहास में अद्वितीय है।
अल्पायु में असाधारण बलिदान
उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबज़ादों ने अपने जीवन से बड़ा धर्म और आत्मसम्मान को माना। उनका बलिदान यह संदेश देता है कि सच्चाई और न्याय के लिए उम्र नहीं, बल्कि संकल्प की आवश्यकता होती है, यही भावना (Indian Heritage Values) को मजबूत करती है।
आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि वीर साहिबज़ादों का त्याग आने वाली पीढ़ियों को साहस, सत्य और आत्मबल के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा। यह दिवस युवाओं को अपने मूल्यों से जोड़ने का अवसर भी प्रदान करता है।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने किया नमन
इस अवसर पर लोकभवन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर वीर साहिबज़ादों को श्रद्धांजलि दी। सभी ने उनके आदर्शों को आत्मसात करने और जीवन में अपनाने का संकल्प लिया, जो (Veer Sahibzade Legacy) की जीवंत अभिव्यक्ति रहा।
स्मरण से संकल्प तक का संदेश
कार्यक्रम का समापन मौन श्रद्धा और आत्मचिंतन के साथ हुआ। वीर बाल दिवस ने यह स्पष्ट किया कि इतिहास केवल पढ़ने की वस्तु नहीं, बल्कि उसे अपने आचरण में उतारने का नाम है।


