सीजी भास्कर 26 दिसम्बर देश की सैन्य तैयारियों को नई धार देने के लिए आज रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक प्रस्तावित है। India Defence Procurement Meeting में तीनों सेनाओं की तात्कालिक जरूरतों पर चर्चा होगी, जिसमें रणनीतिक हथियारों की खरीद मुख्य एजेंडा के रूप में सामने आई है।
रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में होगा रणनीतिक फैसला
बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इसमें शीर्ष सैन्य नेतृत्व और रक्षा तंत्र के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक का उद्देश्य मौजूदा सुरक्षा हालात को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट के तहत जरूरी फैसले लेना है।
नौसेना की प्राथमिक मांग: MR-SAM मिसाइलें
भारतीय नौसेना ने मध्यम दूरी की MR-SAM मिसाइलों की बड़ी जरूरत जताई है। ये मिसाइलें हवाई हमलों से युद्धपोतों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाती हैं। समुद्री सीमाओं की बदलती चुनौतियों के बीच यह मांग रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
वायुसेना के लिए Astra Mark-2 पर नजर
भारतीय वायुसेना लंबी दूरी की Astra Mark-2 एयर-टू-एयर मिसाइलों को शामिल करने की तैयारी में है। इन मिसाइलों से दुश्मन के लड़ाकू विमानों को सीमा के भीतर रहते हुए ही निशाना बनाया जा सकता है, जिससे हवाई बढ़त और मजबूत होगी।
सटीक हमले के लिए SPICE बमों पर मंथन
बैठक में प्रिसिजन गाइडेड म्यूनिशन यानी SPICE सिस्टम की खरीद पर भी विचार संभव है। ये हथियार मजबूत और सुरक्षित ठिकानों को बेहद सटीक तरीके से तबाह करने में सक्षम माने जाते हैं और पहले भी अपनी प्रभावशीलता साबित कर चुके हैं।
थलसेना को चाहिए नए रडार सिस्टम
भारतीय सेना ने लो-लेवल और हल्के रडार सिस्टम की जरूरत जताई है। ये रडार दुश्मन की हलचल पर शुरुआती चेतावनी देने में मदद करेंगे और कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम को और मजबूत बनाएंगे।
क्या है इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट मॉडल
इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट के तहत सीमित संख्या में लेकिन तेज़ी से हथियार खरीदे जाते हैं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना होता है कि किसी भी आपात स्थिति में सेनाओं को जरूरी संसाधनों की कमी न हो।
कौन-कौन रहेगा बैठक में शामिल
इस उच्चस्तरीय बैठक में रक्षा मंत्री के साथ CDS, तीनों सेनाओं के प्रमुख, रक्षा सचिव और रक्षा अनुसंधान से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। सभी की भूमिका फैसलों को त्वरित और प्रभावी बनाने में अहम मानी जा रही है।
सैन्य क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
आज की बैठक को भारत की रक्षा क्षमता को भविष्य के खतरों के अनुरूप ढालने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। यदि प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, तो तीनों सेनाओं की मारक और रक्षात्मक शक्ति में उल्लेखनीय इजाफा हो सकता है।





