सीजी भास्कर, 26 दिसंबर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी और जनहितकारी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के विद्युत अधोसंरचना क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की जा रही है। बीते दो वर्षों में जशपुर जिला बिजली ढांचे के सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ते हुए प्रदेश के प्रमुख पावर हब (Jashpur Power Hub) के रूप में उभरकर सामने आया है।
राज्य सरकार द्वारा लिए गए रणनीतिक और दीर्घकालिक निर्णयों के चलते जिले में बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण व्यवस्था को नई मजबूती मिली है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में साय सरकार ने जशपुर जिले के हर्राडांड में प्रदेश के पांचवें 400/220 केवी उच्च क्षमता वाले विद्युत उपकेंद्र की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना जशपुर ही नहीं, बल्कि पूरे सरगुजा संभाग की बिजली आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद इस उपकेंद्र का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय विद्युत आपूर्ति व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा औद्योगिक व कृषि गतिविधियों को भी नई ऊर्जा मिलेगी।
इसी क्रम में फरसाबहार एवं झिक्की-बगीचा में 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है। इन उपकेंद्रों के माध्यम से बढ़ते विद्युत भार का संतुलन बेहतर ढंग से किया जा सकेगा और भविष्य की मांगों को भी प्रभावी रूप से पूरा किया जा सकेगा।
वहीं जिले के सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े (पथलगांव), पालीडीह, खुटेरा एवं चेटवा में 33/11 केवी विद्युत सब-स्टेशनों के निर्माण हेतु करोड़ों रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इन सभी परियोजनाओं से जशपुर की पहचान एक मजबूत पावर हब (Jashpur Power Hub) के रूप में और सुदृढ़ हो रही है।
कुनकुरी को मिला मिनी डिपो स्टोर
मुख्यमंत्री की पहल पर कुनकुरी विकासखंड में उप-क्षेत्रीय भंडार, यानी मिनी डिपो स्टोर की स्थापना को स्वीकृति दी गई है। इसके संचालन में आने से अब जले या खराब वितरण ट्रांसफार्मरों के प्रतिस्थापन के लिए विश्रामपुर और सूरजपुर जैसे दूरस्थ भंडारों पर निर्भरता समाप्त हो गई है।
इससे न केवल समय और लागत की बचत हो रही है, बल्कि बिजली आपूर्ति को भी कम समय में बहाल किया जा रहा है, जो पावर हब (Jashpur Power Hub) की अवधारणा को धरातल पर मजबूत करता है।
प्रशासनिक ढांचे को भी मिली मजबूती
विद्युत व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कुनकुरी में वृत्त कार्यालय, संभागीय कार्यालय, एसटीएम संभागीय कार्यालय, सतर्कता संभागीय कार्यालय, वितरण भंडार, तपकरा उप-संभागीय कार्यालय तथा वितरण केंद्र कुनकुरी की स्थापना की गई है।
इन कार्यालयों के संचालन से निगरानी, रखरखाव और उपभोक्ता सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। अब शिकायतों का समाधान तेजी से हो रहा है और विद्युत प्रबंधन पहले की तुलना में कहीं अधिक पारदर्शी बना है।
117 नए ट्रांसफार्मर, लो वोल्टेज से राहत
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही लो वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए 117 नए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा चुके हैं। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिल रही है, वहीं घरेलू उपभोक्ताओं, व्यापारियों और लघु उद्योगों को भी स्थिर एवं भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति का लाभ मिल रहा है। इस पहल ने जशपुर को व्यवहारिक रूप से एक सशक्त पावर हब (Jashpur Power Hub) में परिवर्तित कर दिया है।
बिजली से विकास को मिली नई रफ्तार
जिलेवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जशपुर को मिली इन विद्युत सौगातों से न केवल बिजली व्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि कृषि, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे क्षेत्रों में भी विकास को नई गति मिली है।
निर्बाध बिजली आपूर्ति से आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। निस्संदेह, साय सरकार की ये पहलें जशपुर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाते हुए छत्तीसगढ़ के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।


