सीजी भास्कर, 26 दिसंबर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण (Ration Distribution Irregularities) में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। ई-पॉस मशीन के माध्यम से आधार आधारित प्रमाणीकरण प्रणाली लागू कर खाद्यान्न वितरण को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया गया है। इसी व्यवस्था के अंतर्गत हालिया जांच में अनियमितताएं सामने आने पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए दो उचित मूल्य दुकानों का संचालन समाप्त कर दिया है, जबकि एक दुकान पर अर्थदंड अधिरोपित किया गया है ।
वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत हितग्राहियों को बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही राशन सामग्री प्रदान की जा रही है। ई-पॉस आधारित वितरण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खाद्यान्न केवल वास्तविक और पात्र राशनकार्डधारियों तक ही पहुंचे। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे और (Ration Distribution Irregularities) पर तत्काल कार्रवाई हो।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय द्वारा उचित मूल्य दुकानों की नियमित निगरानी के लिए अधिकारियों की विशेष टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों ने जिले की विभिन्न उचित मूल्य दुकानों का निरीक्षण कर वितरण प्रक्रिया, रिकॉर्ड संधारण और आधार प्रमाणीकरण की स्थिति की गहन जांच की। जांच के दौरान कुछ दुकानों में ई-पॉस आधारित वितरण व्यवस्था में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिन्हें प्रशासन ने हल्के में नहीं लिया।
जिला खाद्य नियंत्रक रायपुर द्वारा आईडी क्रमांक 441001314 “मां भगवती खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सहकारी समिति, बैरन बाजार” तथा आईडी क्रमांक 441001256 “श्री जय शीतला काली खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति, बढ़ईपारा” से दुकान संचालन का अधिकार समाप्त कर दिया गया है।
इन दोनों दुकानों को अन्य उचित मूल्य दुकानों (Ration Distribution Irregularities) में संलग्न किया गया है, ताकि लाभार्थियों को राशन मिलने में किसी तरह की बाधा न आए। वहीं आईडी क्रमांक 441001148 “दूधाधारी महिला प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार, महामाया मंदिर वार्ड क्रमांक-62” में अनियमितता पाए जाने पर ₹7000 का अर्थदंड लगाया गया और कड़ी चेतावनी दी गई ।
खाद्य सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2016 के तहत यदि किसी भी उचित मूल्य दुकान में खाद्यान्न वितरण में अनियमितता पाई जाती है, तो कड़ी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और लाभार्थी-केंद्रित खाद्यान्न वितरण प्रणाली के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी (Ration Distribution Irregularities) को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


