सीजी भास्कर, 30 दिसंबर। कवर्धा जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर में कांवड़ियों की सुविधा के लिए आधुनिक विश्राम गृह (डोम) का निर्माण (Kawardha Temple Development) किया जाएगा। इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का भूमिपूजन उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया। इस विश्राम गृह का निर्माण 1 करोड़ 54 लाख 72 हजार रुपये की लागत से किया जाएगा।
भूमिपूजन कार्यक्रम से पूर्व उपमुख्यमंत्री शर्मा ने मंदिर पहुंचकर भगवान बूढ़ा महादेव का जलाभिषेक किया और पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
कांवड़ियों की आस्था और सुविधा का सम्मान
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान बूढ़ा महादेव केवल कवर्धा ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था (Kawardha Temple Development) का प्रमुख केंद्र हैं। सावन माह में हर वर्ष बड़ी संख्या में कांवड़िये अमरकंटक से मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर कठिन और दुर्गम पैदल यात्रा कर यहां जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। इसी आस्था और तपस्या को ध्यान में रखते हुए कांवड़ियों के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आरामदायक ठहराव की व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश के अमरकंटक क्षेत्र में भी कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शीघ्र ही भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वहां रुकने की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।
भोरमदेव कॉरिडोर से बदलेगा क्षेत्र का स्वरूप
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने जानकारी दी कि भोरमदेव क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 146 करोड़ रुपये की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। यह कॉरिडोर उज्जैन और बनारस की तर्ज पर विकसित होगा, जिससे मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण होने के साथ-साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने बताया कि नववर्ष के अवसर पर केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में इस परियोजना का विधिवत भूमिपूजन किया जाएगा।
‘छोटा काशी’ के रूप में पहचान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर में कांवड़िया विश्राम गृह का निर्माण पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय (Kawardha Temple Development) है। उन्होंने बताया कि यह मंदिर श्रद्धालुओं के बीच ‘छोटा काशी’ के नाम से प्रसिद्ध है और यहां 24 घंटे चलने वाला राम नाम संकीर्तन पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है।
पूर्व विधायक योगेश्वर राज सिंह ने कहा कि पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर की विशेषता यह है कि यहां एक साथ 25 शिवलिंगों के दर्शन और पूजा का पुण्य लाभ प्राप्त होता है, जो इसे अन्य शिवालयों से अलग बनाता है।
सावन माह में कांवड़ियों को बड़ी राहत
नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने बताया कि यह विश्राम गृह सावन माह के दौरान एक माह तक विशेष रूप से कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगा। शेष 11 महीनों में इसका उपयोग नगरवासियों के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों के लिए किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वर्षों से प्रतीक्षित यह सुविधा कांवड़ियों के लिए एक बड़ी सौगात है और इससे कवर्धा की धार्मिक पहचान को और मजबूती मिलेगी।


