सीजी भास्कर, 31 दिसंबर। दुर्ग जिले के रानीतराई साप्ताहिक बाजार में सोमवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सब्जी और पसरा कारोबारियों को लेन-देन के दौरान 500 रुपये के नकली नोट मिलने लगे। छत्तीसगढ़ की इस सनसनीखेज घटना (CG News) ने देखते ही देखते पूरे बाजार में हड़कंप मचा दिया। शाम करीब पांच बजे बाजार में भारी भीड़ थी और रोजमर्रा की तरह खरीद-बिक्री चल रही थी।
इसी दौरान एक सब्जी व्यापारी को ग्राहक से मिले 500 रुपये के नोट पर संदेह हुआ। नोट की जांच करने पर वह नकली प्रतीत हुआ। इसके बाद जब अन्य व्यापारियों ने अपने-अपने गल्लों की जांच की तो एक-दो नहीं, बल्कि दर्जनों 500 रुपये के नकली नोट अलग-अलग दुकानों से निकल आए। खबर फैलते ही व्यापारियों में घबराहट फैल गई और सभी अपने नकद लेन-देन को लेकर आशंकित हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सबसे पहले एक महिला द्वारा दिए गए नोट को लेकर विवाद हुआ। जब लोगों ने महिला से पूछताछ करने की कोशिश की तो वह एक दुकान में छिपने लगी। संदेह गहराने पर भीड़ ने उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर महिला के पास 500 रुपये का एक नकली नोट मिला। महिला यह दावा करती रही कि उसे यह नोट बाजार से ही मिला है और पूछताछ के दौरान वह अपना पता बार-बार बदलकर बताती रही। इसी बीच उसका पति भी मौके पर पहुंच गया, जिससे वहां मौजूद भीड़ और अधिक बढ़ गई।
पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि यह कार्रवाई 29 दिसंबर को की गई। मामला उस समय सामने आया, जब तुलेश्वर सोनकर नामक सब्जी विक्रेता ने 60 रुपये के मटर और मिर्च बेचने के बदले ग्राहक से 500 रुपये का नोट लिया। शाम करीब 5.30 बजे नोट को ध्यान से देखने पर उसे संदेह हुआ और नोट नकली पाया गया। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपित दंपती ने यूट्यूब से नकली नोट छापने की तकनीक सीखी थी। इस पूरे मामले को पुलिस नकली नोट प्रकरण (Fake Notes Case) के रूप में देख रही है। करीब एक महीने पहले आरोपितों ने ऑनलाइन माध्यम से कलर फोटो प्रिंटर और विशेष पेपर मंगाया था। इसके बाद 500 रुपये के नकली नोट छापकर रानीतराई और आसपास के बाजारों में चलाना शुरू कर दिया।
पुलिस ने आरोपितों के घर की तलाशी के दौरान 500, 200 और 100 रुपये के नकली नोट भी बरामद किए हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपित नकली नोटों को धूल और मिट्टी से गंदा कर देते थे, ताकि वे पुराने और असली जैसे दिखाई दें और दुकानदार आसानी से उन्हें पहचान न सकें।
पुलिस के अनुसार, यह मामला देश में सक्रिय नकली मुद्रा नेटवर्क (Counterfeit Currency India) की ओर इशारा करता है। अब यह जांच की जा रही है कि आरोपित अब तक कितने व्यापारियों को नकली नोट थमा चुके हैं और क्या इस गिरोह से अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस को और बड़े खुलासों की संभावना है।





