सीजी भास्कर 1 जनवरी Board Practical Exam 2026 : राज्य में कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए प्रैक्टिकल परीक्षाओं की शुरुआत आज, 1 जनवरी से हो गई है। यह परीक्षाएं 20 जनवरी तक चलेंगी और सभी विषयों में बाह्य परीक्षक की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। तय कार्यक्रम के अनुसार, इन परीक्षाओं को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
अनुपस्थिति पर नहीं मिलेगा दूसरा अवसर
प्रैक्टिकल परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों के लिए इस बार नियम सख्त रखे गए हैं। स्पष्ट किया गया है कि जो छात्र तय तिथि पर परीक्षा में शामिल नहीं होंगे, उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया जाएगा। किसी भी स्थिति में विशेष अनुमति या पुनर्परीक्षा की व्यवस्था नहीं होगी।
स्कूल तय करेंगे तारीख, जिम्मेदारी प्राचार्य की
हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों को अपनी सुविधा के अनुसार प्रैक्टिकल परीक्षा की तारीख तय करने की छूट दी गई है, लेकिन इसकी पूरी जिम्मेदारी संस्था प्रमुख की होगी। सभी छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करना स्कूल प्रशासन का दायित्व रहेगा।
बाह्य परीक्षक की अनिवार्य मौजूदगी
प्रैक्टिकल परीक्षा केवल मंडल द्वारा नियुक्त बाह्य परीक्षक की उपस्थिति में ही मान्य मानी जाएगी। किसी भी स्कूल को अपनी ओर से बाह्य परीक्षक नियुक्त करने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित प्रैक्टिकल परीक्षा को अमान्य कर दिया जाएगा।
आंतरिक परीक्षक और प्रोजेक्ट वर्क की व्यवस्था
आंतरिक परीक्षक की नियुक्ति संस्था स्तर पर की जाएगी, जिसमें संबंधित विषय के शिक्षक ही यह जिम्मेदारी निभाएंगे। वहीं प्रोजेक्ट वर्क के लिए बाह्य परीक्षक की नियुक्ति नहीं की जाएगी, इसे आंतरिक मूल्यांकन के तहत ही पूरा किया जाएगा।
अचानक निरीक्षण, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान अधिकारी आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। परीक्षा के लिए पूर्व वर्षों की बची उत्तरपुस्तिकाओं के उपयोग के निर्देश दिए गए हैं, कमी होने पर स्थानीय स्तर पर व्यवस्था करने को कहा गया है।
20 फरवरी से शुरू होंगी बोर्ड की मुख्य परीक्षाएं
प्रैक्टिकल परीक्षा समाप्त होने के बाद कक्षा 10वीं और 12वीं की मुख्य बोर्ड परीक्षाएं 20 फरवरी से शुरू होंगी। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए यह समय बेहद अहम है और किसी भी स्तर पर लापरवाही भारी पड़ सकती है।





