सीजी भास्कर, 1 जनवरी। रायपुर के धरसींवा थाना क्षेत्र में महिलाओं और युवतियों का वीडियो बनाने से रोकने पर हुई हत्या (Murder Case Raipur) के मामले में कोर्ट ने तीन दोषियों को आजन्म कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। इस वारदात की घटना 26 अक्टूबर 2020 की है। अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश मधुसूदन चंद्राकर की अदालत ने दिगेश ठाकुर, योगेश देवांगन और अग्नि ध्रुव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मुख्य आरोपी तातुराम विश्वकर्मा लंबे समय से फरार है। कोर्ट ने उसे फरार घोषित करते हुए उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।
(Murder Case Raipur) घटना का विवरण
अतिरिक्त लोक अभियोजक विजय यादव ने बताया कि 26 अक्टूबर 2020 को ग्राम देवरी के लीला चौक में रावण दहन का कार्यक्रम चल रहा था। शाम लगभग 6:30 बजे, भानुप्रताप वर्मा अपने साथियों लीला राम निषाद और श्रीराम साहू के साथ कार्यक्रम देखने गए थे। इसी दौरान गांव के चार युवक तातुराम विश्वकर्मा, दिगेश ठाकुर, योगेश देवांगन और अग्नि ध्रुव वहां मौजूद महिलाओं और लड़कियों का वीडियो बनाने लगे और उनसे छेड़छाड़ करने लगे। भानुप्रताप ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।
हत्या की वारदात
भानुप्रताप के विरोध करने पर आरोपितों ने मारपीट शुरू कर दी, और इसी दौरान तातुराम विश्वकर्मा ने धारदार चाकू से भानुप्रताप के सीने पर वार कर दिया। गंभीर चोट के कारण भानुप्रताप मौके पर ही मृत्यु हो गए। घटना के बाद आरोपी भागने लगे, लेकिन गांव के लोगों ने उन्हें पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
अदालत का फैसला
अदालत ने तीन आरोपितों दिगेश ठाकुर, योगेश देवांगन और अग्नि ध्रुव को दोषी करार देते हुए आजन्म कारावास (Murder Case Raipur) की सजा सुनाई। मुख्य आरोपी तातुराम विश्वकर्मा फरार होने के कारण उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया। अदालत ने यह भी निर्देश दिए कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सभी संभव प्रयास किए जाएं।
धरसींवा थाना क्षेत्र में महिलाओं का वीडियो बनाने से रोकने पर हुई युवक भानुप्रताप वर्मा की हत्या मामले में कोर्ट ने तीन दोषियों दिगेश ठाकुर, योगेश देवांगन और अग्नि ध्रुव को उम्रकैद की सजा सुनाई। मुख्य आरोपी तातुराम विश्वकर्मा अभी फरार है और उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। घटना 26 अक्टूबर 2020 को ग्राम देवरी में हुई थी।





