सीजी भास्कर, 02 जनवरी। उन्नाव रेप केस एक बार फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र (Jantar Mantar Protest) में आ गया है। इस बार वजह है 11 जनवरी को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित एक तथाकथित ‘क्षत्रिय सम्मेलन’, जिसे लेकर पीड़िता ने गंभीर सवाल उठाए हैं। पीड़िता का कहना है कि यह सम्मेलन आरोपी पक्ष से जुड़े लोगों द्वारा बुलाया जा रहा है और इसका मकसद जनमत को प्रभावित करना है।
पीड़िता ने भावुक अपील करते हुए कहा कि वह भी क्षत्रिय समाज से आती हैं, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे में समाज को तय करना होगा कि वह ताकतवर के साथ खड़ा होगा या न्याय की लड़ाई लड़ रही पीड़िता के साथ। उन्होंने कहा कि “हम भी उसी समाज का हिस्सा हैं, बस फर्क इतना है कि हमारे पास संसाधन नहीं हैं।”
सोशल मीडिया पर बदनाम करने का आरोप
पीड़िता का दावा है कि बीते दो दिनों से सोशल मीडिया पर उन्हें और उनके पति को लगातार निशाना (Jantar Mantar Protest) बनाया जा रहा है। आरोप है कि समर्थक ट्रोलिंग, अफवाहों और चरित्र हनन के जरिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़िता ने इसे मानसिक उत्पीड़न बताते हुए प्रशासन से संज्ञान लेने की मांग की है।
आरोपी पक्ष की बेटियों की सक्रियता
विवाद के केंद्र में रहे पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर की बेटी ऐश्वर्या सेंगर इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं। वे लगातार अपने पिता के पक्ष में पोस्ट कर रही हैं और राजनीतिक नेतृत्व पर भी सवाल उठा रही हैं। उनके बयानों में प्रियंका गांधी और राहुल गांधी का नाम भी सामने आया है, जिससे मामला और राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है।
ऐश्वर्या सेंगर ने खुद को कानून की छात्रा बताते हुए यह तर्क दिया है कि “सच को ज्यादा दिन दबाया नहीं जा सकता।” हालांकि पीड़िता का कहना है कि यह सब पीआर रणनीति (Jantar Mantar Protest) का हिस्सा है, ताकि असली मुद्दे से ध्यान भटकाया जा सके।
फिर गरमाई उन्नाव केस पर बहस
इस घटनाक्रम के बाद उन्नाव रेप केस को लेकर एक बार फिर समाज और राजनीति में तीखी बहस शुरू हो गई है। सवाल यह है कि क्या सार्वजनिक मंचों और सम्मेलनों के जरिए न्यायिक मामलों को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है, और क्या पीड़ितों की आवाज दबाई जा रही है।
पीड़िता ने अंत में कहा कि उन्हें किसी राजनीतिक समर्थन की नहीं, बल्कि इंसाफ और सामाजिक संवेदनशीलता की जरूरत है। “अगर समाज सच में बराबरी की बात करता है, तो उसे मेरी आवाज भी सुननी होगी।”





