सीजी भास्कर, 06 जनवरी | शिवरीनारायण थाना पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई (Ganja Seizure Shivrinayaran) की है। इस कार्रवाई में कानून की रक्षा करने वाला ही कानून तोड़ते पकड़ा गया। पुलिस ने 15 किलो 700 ग्राम गांजा परिवहन करते हुए एक पुलिस आरक्षक चंद्रशेखर साहू और उसके साथ मौजूद एक नाबालिग बालक को गिरफ्तार किया है। यह मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है।
निजी कार से कर रहा था गांजे की तस्करी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक कार में सवार दो युवक भारी मात्रा में गांजा लेकर बिक्री के लिए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही शिवरीनारायण पुलिस ने घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन (Ganja Seizure Shivrinayaran) को रोका। तलाशी के दौरान कार से 15 किलो 7 सौ ग्राम गांजा बरामद किया गया।
जांच में खुलासा हुआ कि कार चला रहा व्यक्ति कोई आम आरोपी नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ पुलिस का आरक्षक चंद्रशेखर साहू है, जो वर्तमान में महासमुंद जिले में पदस्थ है।
नाबालिग को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया
पुलिस ने मौके से आरक्षक चंद्रशेखर साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि उसके साथ मौजूद नाबालिग बालक को विधिवत कार्रवाई के बाद बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। तस्करी में प्रयुक्त कार को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।
NDPS एक्ट के तहत दर्ज हुआ गंभीर मामला
शिवरीनारायण पुलिस ने इस पूरे मामले में आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे किन-किन स्थानों पर खपाने (Ganja Seizure Shivrinayaran) की योजना थी।
खाकी की साख पर सवाल
इस घटना ने पुलिस विभाग की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून सबके लिए समान है और नशे के अवैध कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा। जांच के बाद आरक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की भी संभावना जताई जा रही है।





