सीजी भास्कर, 7 जनवरी। छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ के कबीरधाम जिला संगठन ने उप मुख्यमंत्री और पंचायत मंत्री विजय शर्मा से मुलाकात कर अपनी वर्षों पुरानी लंबित मांग के तहत समस्त मनरेगा कर्मचारियों के लिए मानव संसाधन नीति (Mahatma Gandhi NREGA HR Policy) तुरंत लागू करने की मांग की। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सुनिश्चित करने वाले मनरेगा कर्मचारी, जो पिछले 20 वर्षों से सेवा दे रहे हैं, अब भी सेवा सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा के अभाव में संघर्षरत हैं।
विगत दिनों केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह क्षत्री को आश्वासन दिया था कि राज्य सरकार समय-समय पर कर्मचारियों को अस्थायी से स्थायी करने और उनकी सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए पहल करेगी। इस आश्वासन की जानकारी उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को दी गई।
उपमुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की व्यथा को सुनते हुए 16 माह से लंबित मानव संसाधन नीति (Mahatma Gandhi NREGA HR Policy) पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए आयुक्त महात्मा गांधी नरेगा को निर्देशित किया। बैठक में मानव संसाधन नीति के तहत फील्ड स्टाफ और रोजगार सहायकों की जिम्मेदारियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
इस दौरान आयुक्त महात्मा गांधी नरेगा तारण प्रकाश सिन्हा जिला मुंगेली दौरे पर गए। फील्ड स्तर पर काम करने वाले रोजगार सहायकों और कार्यालयीन स्टाफ ने उनके आगमन पर स्वागत किया और मानव संसाधन नीति लागू करने हेतु ज्ञापन सौंपा। आयुक्त ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि मानव संसाधन नीति अगले 1 माह के भीतर लागू कर दी जाएगी, जिससे कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा सामाजिक सुरक्षा और स्थायी रोजगार सुनिश्चित किया जा सके।
छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ ने कहा कि नीति लागू होने से न केवल कर्मचारियों की स्थिति मजबूत होगी, बल्कि मानव संसाधन नीति (Mahatma Gandhi NREGA HR Policy) के माध्यम से ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का प्रभाव और बेहतर होगा। कर्मचारी अब अपनी जिम्मेदारियों को और बेहतर तरीके से निभा पाएंगे और ग्रामीणों को रोजगार सुनिश्चित करने में सक्षम होंगे।


