सीजी भास्कर, 7 जनवरी। शराब घोटाले में ईडी की जांच के बाद अब ईओडब्ल्यू (Soumya Chourasiya Arrest EOW) पूर्व मुख्यमंत्री की उपसचिव सौम्या चौरसिया की गिरफ्तारी के लिए तैयारी में है। मंगलवार को विशेष अदालत में सौम्या की गिरफ्तारी के लिए अर्जी लगाई गई, जिसमें जेल में बंद सौम्या का प्रोडक्शन वारंट मांगा गया।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान अदालत ने 8 जनवरी तक अपना फैसला सुरक्षित रखा। सौम्या ने शराब घोटाले में जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी लगाई है। अगर हाईकोर्ट से जमानत मिल जाती है, तो ईओडब्ल्यू केवल उनका बयान लेकर छोड़ देगा। इसी कारण विशेष अदालत हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार कर रही है। यह मामला (Chhattisgarh Liquor Scam News) राज्य में कानूनी और राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।
इसी बीच, पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल उर्फ बिट्टू की जमानत को चुनौती देने के लिए ईओडब्ल्यू सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। टीम कोर्ट में पहुंच चुकी है, हालांकि अर्जी अभी दाखिल नहीं की गई है। अगले कुछ दिनों में अर्जी दाखिल कर जमानत को चुनौती दी जाएगी। चैतन्य बघेल को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
शराब घोटाले में ईओडब्ल्यू जल्द ही नई चार्जशीट पेश करने वाली है। इसमें कई नए लोगों को आरोपी बनाया जाएगा और शराब कारोबारियों व कंपनियों की भूमिका का भी उल्लेख होगा। हालांकि, जिन लोगों को सरकारी गवाह बनाया गया था, उन्हें ईडी ने आरोपी बना दिया है। इससे जांच की प्रक्रिया जटिल हो गई है। एक ही मामले में उन्हें जेल जाना पड़ सकता है, जबकि दूसरे मामले में उनसे गवाही ली जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस केस में ईओडब्ल्यू की कार्रवाई न केवल सौम्या चौरसिया (Soumya Chourasiya Arrest EOW) की गिरफ्तारी की दिशा तय करेगी बल्कि राजनीतिक और कानूनी हलचल पर भी असर डालेगी। राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर शराब घोटाले की जांच को लेकर ध्यान केंद्रित हो गया है। इस पूरे मामले में ईओडब्ल्यू की नई चार्जशीट, जमानत चुनौती और सौम्या की गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर आम जनता की नजर बनी हुई है। कानूनी विशेषज्ञ इसे छत्तीसगढ़ की राजनीति और कानून व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षण मान रहे हैं।


