सीजी भास्कर, 7 जनवरी। भिलाई के थाना सुपेला क्षेत्र में दर्ज दुष्कर्म और धमकी के बहुचर्चित मामले में फरार चल रहे आरोपित मोहम्मद आरिफ हुसैन (Bhilai Rape Case Arrest) को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से विदेश में छिपे इस आरोपित के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था। दो जनवरी 2026 को जब वह दुबई से भारत लौटा, तो कोलकाता के दमदम स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आव्रजन अधिकारियों की सतर्कता से उसे पकड़ लिया गया। इसके बाद बैरकपुर सीजेएम कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड लेकर सुपेला पुलिस उसे भिलाई ले आई।
मामले की शुरुआत 15 अक्टूबर 2022 को हुई थी, जब पीड़िता ने थाना सुपेला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता के अनुसार, मोहम्मद आरिफ हुसैन ने उससे शादी करने का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। जब पीड़िता ने बाद में शादी की बात दोहराई, तो आरोपित ने न सिर्फ गाली-गलौज की, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद पीड़िता मानसिक रूप से अत्यंत परेशान हो गई और न्याय की उम्मीद में पुलिस के पास पहुंची।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपित की तलाश शुरू की, लेकिन विवेचना के दौरान सामने आया कि वह भिलाई छोड़कर विदेश भाग चुका है। जांच में यह भी पता चला कि आरोपित दुबई में रहकर काम कर रहा था और वहीं से उसने पीड़िता से संपर्क पूरी तरह तोड़ लिया था। इसके बाद पुलिस ने न्यायालय से अनुमति लेकर उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कराया, ताकि भारत में प्रवेश करते ही उसे गिरफ्तार किया जा सके (Bhilai Rape Case Arrest)। यह सूचना सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को भेजी गई थी।
दो जनवरी 2026 को जैसे ही आरोपित दुबई से कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचा, आव्रजन विभाग के सिस्टम में उसके खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर का अलर्ट आ गया। अधिकारियों ने तत्काल उसे हिरासत में लिया और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सुपेला थाना पुलिस की टीम कोलकाता रवाना हुई। बैरकपुर सीजेएम कोर्ट में पेश कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया और इसके बाद आरोपित को भिलाई लाया गया।
थाना प्रभारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपित मोहम्मद आरिफ हुसैन, पिता मोहम्मद शाकिर हुसैन, उम्र 32 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 4, कृष्णा नगर, ताज बिरयानी के पास, थाना सुपेला, जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़) है। लंबे समय तक फरार रहने के कारण विवेचना में कई बार बाधाएं आईं, लेकिन पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए थी।
पुलिस अब आरोपित (Bhilai Rape Case Arrest) से गहन पूछताछ कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि विदेश में उसे किन-किन लोगों की मदद मिली और इस दौरान उसने किसी अन्य अपराध को अंजाम तो नहीं दिया। साथ ही मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की हर कड़ी को जोड़ा जा सके।
इस कार्रवाई को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने स्पष्ट कहा है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चाहे आरोपित देश में हो या विदेश में, कानून के शिकंजे से बचना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि लुकआउट सर्कुलर जैसे सख्त कानूनी प्रावधानों के जरिए फरार अपराधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी।





